छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण (संशोधन) अधिनियम 2022 लागू किया गया जिसके तहत जनवरी 2011 से पहले और बाद में निर्मित मकान-दुकानों को नियमितीकरण करा पाएंगे। कबीरधाम जिले नगर पालिका और सभी नगर पंचायतों में दुकान और मकान के नियमितीकरण के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
कवर्धा. कवर्धा नगर पालिका और पांच नगर पंचायत सहसपुर लोहारा, बोड़ला, पंडरिया, पांडातराई और पिपरिया शामिल हैं। जिले के सभी निकायों में बड़ी संख्या में बिना अनुमति मकान और दुकान निर्मित हैं जिनमें से अधिकांश मकान-दुकान नगर निवेश क्षेत्र घोषित होने से पहले बनाए गए हैं। इसके चलते यहां की नियमितिकरण आवश्यक है। वर्ष 2016 में अवैध कार्यों को वैद्य करने अधिनियम लागू हुआ था। वर्ष 2022 में उस अधिनियम को संशोधित कर लागू किया गया है जिसमें भवन अनुज्ञा शुल्क के हिसाब से आठ स्लैब बनाए गए हैं। हालांकि गैर लाभ अर्जित करने वाली चैरिटी संस्था, धर्मशाला को नियमितीकरण शुल्क में रियायत दी जाएगी। शासन के इस अधिनियम संशोधन से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा। कम दर पर दुकान व मकानों का नियमितिकरण कराएंगे।
नगरीय निकायों के लिए निर्धारित
जारी आदेश के अनुसार राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 को और संशोधित करते हुए संशोधित अधिनियम 2022 लागू किया गया है जिसे 14 जुलाई 22 से अधिनियम प्रदेश भर में प्रभावशील किया गया है। इसके अनुसार निवेश क्षेत्र के आवेदन के निराकरण की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। नगर पालिका और नगर पंचायत के निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं वहां पर स्थानीय निकायों द्वारा आवेदन लेेंगे और भौतिक सत्यापन व परीक्षण किया जाएगा। फिर नगरीय निकाय द्वारा सभी कार्यवाही पूरा करने के बाद जिला नियमितीकरण प्राधिकारी के सामने प्रकरण प्रस्तुत करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए
निवेश क्षेत्र में आने वाले के ग्राम व विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण नगरीय निकाय सीमा के बाहर आते हैं। वहां सभी आवेदनों का संकलन, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में में किया जाएगा। इसके बाद भौतिक सत्यापन व परीक्षण व अन्य कार्यवाही पूरा करने के बाद प्रकरण जिला नियमितीकरण प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सदस्य सचिव के दिया गया है।
फिर हो जाएगा वैध
जानकारी के अनुसार अतिरिक्त जुर्माना राशि देने पर पार्किंग का नियमितीकरण किया जाएगा। जनवरी 2011 से पहले और बाद में निर्मित मकान व दुकानों की नियमितीकरण करने एक ही दर निर्धारित है। अवैध निर्माण में 25 फीसदी पार्किंग में कमी होने पर प्रत्यके कार के लिए 50 हजार रुपएए 25-50 फ ीसदी कमी पर प्रत्येक कार के लिए एक लाख रुपए, 50-100 फ ीसदी कमी होने पर एक कार के लिए दो लाख रुपए शास्ति देना होगा।