डेंगू से बचाव के लिए खुद ही सावधान रहने की जरूरत है।
कवर्धा . छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में डेंगू से बचाव के लिए खुद ही सावधान रहने की जरूरत है। साफ-सफाई और मच्छरों को लेकर पालिका प्रशासन के भरोसे न रहे, क्योंकि पालिका प्रशासन का ध्यान साफ-सफाई व स्वच्छता पर नहीं केवल निर्माण पर है।
शहर में डेंगू पीडि़त मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक डेंगू के 24 संभावित मिल चुके हैं, जबकि कई प्राइवेट अस्पताल में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। कई मरीजों को ईलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। ऐसे में शहरवासियों को पूरी तरह से सावधान रहने की आवश्यकता है।
अपने आसपास गंदगी न होने दें और मच्छरों से किसी भी तरह से दूरी बनाए रखे।नालियों पर दवाईयों का छीडक़ाव करें, ताकि मच्छरों के लार्वा नहीं बढ़े। मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छर भगाने वाले उपकरण व क्रीम का उपयोग करें। मुख्य रूप से बच्चों को मच्छरों से बचाए।
डेंगू के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से जागरुक है। जिले में डेंगू अलर्ट होते ही शहरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगा दिए गए। कवर्धा में स्वास्थ्य शिविर टीम द्वारा अब तक 600 लोगों की जांच की जा चुकी है। वहीं 300 से अधिक घरों में जाकर सर्वे किया गया, ताकि कोई भी मरीज जांच व इलाज न छूटे।
इस दौरान विभाग को अब तक डेंगू के 24 संभावित मरीज मिल चुके हैं। सभी को नियमित रूप से दवाई दी जा रही है। स्वास्थ्य टीम डेंगू जैसे बीमारी के बीच लोगों को स्वास्थ्य रखने लगातार सेवा दे रहे हैं। जबकि दूसरी ओर पालिका प्रशासन इससे दूर है।