पंडरिया ब्लाक अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला महली का विद्यालय भवन लगभग 50 साल पुराना होने के कारण पूरी तरह जर्जर चुका है, जिसे डिसमेंटल करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया द्वारा ग्राम पंचायत महली को निर्देशित किया जा चुका है। बावजूद अभी तक नया विद्यालय भवन की स्वीकृति जनपद पंचायत पंडरिया और जिला पंचायत कबीरधाम से नहीं मिला है।
पंडरिया. जनप्रतिनिधि और प्रसाशनिक उदासीनता के कारण छात्र-छात्राएं वर्षों पुराने जर्जर स्कूल भवन में पढ़ाई करने के लिए मजबूर है, जबकि अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया द्वारा महली के प्राथमिक शाला भवन को डिसमेंटल करने का निर्देश ग्राम पंचायत को दिया जा चुका है।
पंडरिया ब्लाक अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला महली का विद्यालय भवन लगभग 50 साल पुराना होने के कारण पूरी तरह जर्जर चुका है, जिसे डिसमेंटल करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया द्वारा ग्राम पंचायत महली को निर्देशित किया जा चुका है। बावजूद अभी तक नया विद्यालय भवन की स्वीकृति जनपद पंचायत पंडरिया और जिला पंचायत कबीरधाम से नहीं मिला है। ग्राम पंचायत महली रूर्बन पंचायत के अंतर्गत आता है और पंडरिया ब्लॉक का बड़ा पंचायत है। बच्चो की दर्ज संख्या लगभग 140 के आसपास है। राजमार्ग पर होने के बाद भी सुविधाओं का आभाव है। भवन बहुत पुराना होने के कारण जमीन में धसने भी लगा है और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने लगता है। इसके चलते स्कूल में घुटने से ऊपर पानी भर जाता है। बच्चों के बैठने के लिए भी जगह नहीं मिल पाता। इसके अलावा हादसे का डर हमेशा बना रहता है। भवन की दीवारों पर मोटी-मोटी दरारे पड़ गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को सांप-बिच्छु का डर भी बना रहता है।
प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा
ग्राम पंचायत महली रूर्बन के अंतगर्त आता है, जिस के लिए जनपद पंचायत और जिला पंचायत से विद्यालय भवन और सुविधाओं के लिए हर ग्राम पंचायत को फंड स्वीकृत किया जाता है, लेकिन यहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक उदासीनता के कारण भवन स्वीकृत नहीं हो पाया है।
भवन के ऊपर गुजरा है बिजली तार
राज्य शासन के आदेशानुसार किसी भी विद्यालय के भवन और मैदान के ऊपर से बिजली का तार नहीं गुजरना है, लेकिन प्राथमिक शाला महली के ऊपर से बिजली के तीन फेस खुला तार निकाला गया है। ऐसे में कभी भी किसी अप्रिय घटना घट सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाउंड्रीवाल छोटा होने के कारण विद्यालय के अवकाश के बाद प्रांगण में असमाजिक तत्वों का जमवाड़ा होता है और विद्यालय में गंदगी फैलाया जाता है।