कवर्धा शहर में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प और राजनीतिक प्रदर्शन के बाद लगाए गए कफ्र्यू में कलेक्टर ने थोड़ी ढील जरूर दी है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभी भी इंटरनेट सेवा पूरे जिले में बंद रखी गई है।
कवर्धा. कवर्धा शहर में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प और राजनीतिक प्रदर्शन के बाद लगाए गए कफ्र्यू में कलेक्टर ने थोड़ी ढील जरूर दी है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभी भी इंटरनेट सेवा पूरे जिले में बंद रखी गई है। कलेक्टोरेट में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि अभी कफ्र्यू में थोड़ी ढील दी जा रही है ताकि माहौल का आकलन किया जा सके। इसके चलते फिलहाल इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। हालात को देखा जाएगा, कुछ दिनों में लगता है कि सब ठीक है तो इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए शासन के समक्ष बात रखी जाएगी। समय निर्धारित नहीं है कि कब तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल हो पाएगी।
कवर्धा शहर में प्रवेश नहीं
कवर्धा जिला प्रशासन द्वारा फिलहाल कवर्धा शहर में जो नो एंट्री है वह जारी रहेगा। बाहर से प्रवेश और शहर बाहर जाने पर मनाही है। यदि हालात दो से तीन दिनों में सकारात्मक दिखाई देता है तो शहर से आना-जाना करने पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं शहर में जो पुलिस बल तैनात हैं वह यथावत रहेगा। हर चौक-चौराहों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। लगातार पेट्रोलिंग होती रहेगी ताकि लोग खुद को सुरक्षित माने।
सब्जी विक्रेता सुबह घूमकर बेच सकेंगे
जिला प्रशासन द्वारा दूध व सब्जी विक्रेताओं को भी राहत दी है। कवर्धा में दूध व सब्जी विक्रेता सुबह 6 बजे से 10 बजे तक ही शहर के गली-मोहल्लों में घूम-घूमकर विक्रय कर सकते हैं। वहीं शाम 6 बजे तक घर पहुंच सेवा दे सकते हैं। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि शनिवार की सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कवर्धा शहर में लागू कफ्र्यू पर थोड़ी ढील दी जाएगी। ताकि लोग राशन सामग्री और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं, सब्जी आदि का क्रय कर सकें। वहीं जो भी अन्य कार्य है निर्धारित समय तक कर सकेंगे। शनिवार से होटल को छोड़कर सभी तरह की दुकानों को खोला जा सकेगा। इससे सभी वर्ग के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
लोगों को देंगे समझाईश
कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने शांति समिति ने समाज प्रमुखों द्वारा यह सुझाव दिया गया कि शांति मार्च निकाला जाए और नगर में हंगामा करने वाले दोनों पक्ष का समझाया जाए। दोनों पक्षों को समझाईश देने के लिए 27 वार्डों के लिए 9 प्रतिनिधि मंडल बनाया जाएगा। प्रत्येक वार्ड प्रतिनिधि में उसकी वार्ड व उन्हीं के समाज के लोग शामिल रहेंगे।