
Chhattisgarh News: कवर्धा जिले के पंडरिया विधानसभा की पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने उनकी सुरक्षा वापस लिए जाने पर आपत्ति जताई है। भाजपा पर भेदभाव का आरोप लगाया है।
पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मीडिया से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कवर्धा जिला नक्सल प्रभावित जिला है। पूर्व विधायक होने के नाते वनांचल सहित अन्य स्थानों का दौरा उन्हें करना होता है, लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही पूर्व विधायकों की सुरक्षा के लिए लगे पीएसओ को वापस ले लिया गया है। जबकि भाजपा के विधायकों की सुरक्षा ज्यो की त्यों है। आखिर भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भाजपा के पूर्व विधायकों की सुरक्षा वापस नहीं ली गई थी, लेकिन कवर्धा गृहमंत्री का गृह जिला है यहां की महिला विधायक की सुरक्षा वापस ले ली गई है, जिसे फि र से बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा इसे संज्ञान में लें।
आखिर क्यों...
आखिर क्या वजह है कि केवल कांग्रेस के पूर्व विधायकों की सुरक्षा वापस ली गई है। क्या वे अब जनप्रतिनिधि नहीं है। चुनाव हारने के बाद क्यों पीएसओ वापस बुलाया गया, जबकि पूर्व के भाजपा विधायकों के पीएसओ इतने सालों बाद भी उनके साथ है। जबकि पंडरिया की पूर्व विधायक एक महिला और उसके बाद भी सुरक्षाकर्मी वापस ले लिया गया।