कवर्धा

तालाबों में पानी पहुंचाने कर रहे लाखों खर्च, फिर भी ये हाल देख चौक जाएंगे आप

यहाँ निगम कर रही लाखों खर्च, फिर भी तालाबों का है ये हाल

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May 02, 2018

कवर्धा . नगर पालिका में कार्यों के लिए भारी भरकम बजट मिलता है। कार्य जरूरी हो या न हो केवल खर्च किए जाते हैं।जैसे की तालाबों में सालभर में केवल एकबार पानी पहुंचाना है उसके लिए 80 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।हाल ही में नगर पालिका द्वारा शहर में 2. 7 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने नहर-नाली से दर्री पारा स्थित दर्री तालाब, काली व खाल्हे तालाब तक पाइप लाइन पहुंचाया जा रहा है।

कर रहे है लाखों खर्च लेकिन तालाबों में वही गंदगी

इसमें 1300 पाइप का उपयोग होगा। इसके लिए पालिका प्रशासन 80 लाख रुपए खर्च कर रही है।इसका उपयोग साल में सिर्फ एक बार गर्मी के दिनों में जब तालाब का पानी सूखने लगेगा तो सरोदा जलाशय से जब पानी छोड़ा जाएगा तब भरने के काम आएगा। इससे महत्वपूर्ण कार्य तो गंदे पानी को तालाब में जाने से रोकना है, जिस पर किसी तरह की पहल नहीं हो रही है। जबकि पहली प्राथमिकता इस पर ही होनी चाहिए।

सकरी नदी के उद्धार के लिए प्रशासन 2 करोड़ 77 लाख रुपए खर्च करने वाली है। नदी का उद्धार बेहद आवश्यक है, लेकिन इसके लिए केवल नदी की सफाई और गहरीकरण ही आवश्यक नहीं है, सबसे पहले नदी को गंदगी से बचाना होगा। रोजाना लाखों लीटर गंदा पानी नदी में नालियों के माध्यम से पहुंच रहा है।

निस्तारियोग्य नहीं रहे तालाब

नगर से गुजर रही सकरी नदी और शहर के तालाबों की हालत किसी से नहीं छिपी। शहरभर का गंदा पानी कई दर्जन नालियों से सीधे नदी और तालाब में ही समा रहा है। इसके चलते ही नदी और तालाब निस्तारी योग्य ही नहीं रहे। सकरी नदी हो या नगर का कोई भी तालाब गंदगी से पटा पड़ा है। मुख्य रूप से नालियों से गंदा पानी को तालाब में जाने से रोकना होगा। इसके बाद ही नदी और तालाब को बचाया जा सकता है।

भंडारी तालाब का भी यही हाल

भंडारी तालाब की ओर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन को तो ध्यान ही नहीं है। जबकि इस तालाब में पानी कम और कचरा-गंदगी अधिक भरा है। यह तालाब पूर्ण रूप से कूड़ादान बन चुका है, इसके बाद इसी सफाई या इसे पुनर्जीवन देने के लिए पालिका प्रशासन के पास कोई योजना है।

योजना किनारे तालाब तक

शहर के डबरी तालाब, बावा तालाब, भोजली तालाब, बड़े मंदिर तालाब, रेवाबंद तालाब की हालत भी खराब है। इन तालाबों को बचाने के लिए पालिका प्रशासन अधिक ध्यान नहीं दे रहा, जबकि यह तालाब बस्ती के बीच स्थित है जहां इनसे अधिक निस्तारी होती है। अधिकतर योजनाएं केवल खाल्हे तालाब में ही खत्म की जा रही है।

नगर पालिका परिषद कवर्धा, के सीएमओ सुनील अग्रहरि का कहना हैं- पालिका के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत तालाबों तक पाइप लाइन के माध्यम से सरोदा जलाशय का पानी पहुंचाया जाएगा। पहले दर्री, काली व खाल्हे तालाब मेें पानी भरा जाएगा। इसके बार शहर के अन्य तालाबों तक पाइप पहुंचाया जाएगा।

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Published on:
02 May 2018 01:39 pm
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