कवर्धा

पोस्टमास्टर की बेटी बनी इसरो साइंटिस्ट, मां बोली – जो काम बेटे नहीं कर पाए वो बेटी ने कर दिखाया

मंजिल उन्ही को मिलती है, जिनकी सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस वाक्या को गांव की एक बेटी ने सच कर दिखाया है।
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Updated: 15 Nov 2017, 5:23 PM IST
ISRO scientist
Post Master daughter becomes ISRO scientist

कवर्धा/इंदौरी. मंजिल उन्ही को मिलती है, जिनकी सपनों में जान होती है। पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस वाक्या को गांव की एक बेटी ने सच कर दिखाया है।

छत्तीसगढ़ के एक छोटे गांव ग्राम इंदौरी के पूजा चंद्रवंशी ने इसरो में सांइटिस्ट बनकर अपने माता-पिता के साथ साथ पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। ग्राम इंदौरी की स्थानीय डाक घर की शाखा में काम करने वाले पोस्टमास्टर सूर्यप्रकाश चन्द्रवंशी की बेटी पूजा चन्द्रवंशी का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में जूनियर सांइटिस्ट के पद पर हुआ है।

इसरो ने सफल कैंडिडेट्स की सूची जारी की, जिसमें पूजा चंद्रवंशी का नाम आलओवर रैंक में 26वां क्रम पर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में चयन होना युवा वर्ग का सपना होता है, जिसे गांव के एक मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी ने साकार कर दिखाया है। वर्तमान में पूजा चन्द्रवंशी जिला के बीएसएनएल में बतौर जेटीओ के पद पर कार्यरत है। इस चयन से गांव जिला नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया।

शासकीय स्कूल में पढ़ाई कर पाई सफलता
पूजा चन्द्रवंशी शुरू से ही मेघावी छात्रा रही है। स्थानीय गांव से ही सरस्वती शिशु मंदिर में नर्सरी व शासकीय स्कूल में माध्यमिक स्तर की पढ़ाई की व जिले के पीजी कॉलेज कवर्धा में स्नातक शिक्षा ग्रहण की। कक्षा बारहवी में 89.8 प्रतिशत व दसवी में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किया था। तभी से पूजा ने इसरो पर सांइटिस्ट बनने का मन बना लिया था और अपने सपने को सकार करने के लिए तैयारी करने लगी। पूजा का चयन से पूरे परिवार सहित ग्रामीणों में हर्ष है।

मुश्किल परिस्थिति में पिता ने बढ़ाया हौसला
चर्चा के दौरान पूजा काफी भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के लिए पूरे परिवार का सहयोग रहा है, लेकिन पापा का सहयोग हमेशा मेरा साथ रहा। मुश्किल परिस्थिति में पापा ने मेरे हौसले को बढ़ाए रखा। इसका पूरा श्रेय पापा को जाता है। पूजा बताती है कि आने वाले समय में वे आईएएस के लिए तैयारी भी कर रही है। वहीं पूजा की मां कल्याणी चन्द्रवंशी नम आंख से छत्तीसगढ़ी में बोलते हुए कहा कि जो काम अब तक बेटे नहीं कर पाए वह बेटी ने कर दिखाया है। मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। पूजा इस सफलता पर छोटा बहन पुनम व भाई आलोक सहित पूरे परिवार काफी खुश नजर आ रहे थे।

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