इधर कवर्धा शहर में जिले से रेल लाईन गुजरने शिलान्यास किया गया तो दूसरी ओर १०२ दिन से क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे रेल संघर्ष समिति के लोगों ने शनिवार को काला दिवस के रुप में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
कवर्धा. पोड़ी से लेकर पंडरिया तक काला दिवस मनाने की घोषणा की थी। वहीं नगर बंद करने का आह्वान भी किया गया था। इसके कारण शनिवार सुबह से ही पोड़ी वपंडरिया नगर पूरी तरह बंद रहा। वही रेल्वे संघर्ष समिति द्वारा नगर में काला झंडा लगा दिया गया था। वहीं युवाओं ने नगर में सांसद का शव यात्रा निकाकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान रेल्वे संघर्ष समिति व आम लोगों ने नगर में रैली निकालकर जमकर नारेबाजी करते हुए पीयूष गोयल वापस जाओ के नारे लगाते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात रही।
चुनाव को देखते हुए हड़ताल स्थगित
पूर्व निर्धारित रेल्वे लाइन की मांग को लेकर पंडरिया में सर्वदलीय मंच बनाकर पिछले 102 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल किया जा रहा था। शनिवार को ही चुनाव आचार संहिता लगने से समिति ने अनिश्चितकालीन धरना व क्रमिक भूख हड़ताल को चुनाव समन्न होने तक स्थगित कर दिया। इसके बाद फिर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है। शनिवार के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगो का सहायोग मिला।
अन्य दलों का समर्थन
रेलवे संघर्ष समिति के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन में व्यापारी संघ, कांग्रेस पार्टी, जोगी कांग्रेस, बसपा का समर्थन मिला। मुख्य रूप से धर्मजीत सिंह, योगेश्वरराज सिंह, अर्जुन तिवारी, नीलू चंद्रवंशी, धीरज सिंह, पारस बंगानी, रवि चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में रेल्वे संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सरकार पर पक्षपात किए जाने का आरोप लगाते हुए रेल लाइन को बदलने की मांग की। समिति के सदस्यों ने दिल्ली तक जाकर शासन को जगाने प्रदर्शन किया, बावजूद किसी प्रकार से इस पर ध्यान नहीं दिय गया। इसके कारण शनिवार के दिन को पोड़ी से लेकर पंडरिया तक के लोगों ने काला दिवस के रुप में मनाया।