Kawardha Rape Case: नाबालिग लड़की को बार-बार स्कूल जाने के दौरान रास्ता रोककर परेशान किया करता था, जिससे परेशान होकर उसने बीच में स्कूल जाना भी बंद कर दिया था।
Kawardha Rape Case: न्यायालय विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत मामलों पर धड़ाधड़ फैसले सामने आ रहे हैं। इन मामलों में एक से डेढ़ साल के भीतर दर्ज मामलों में निर्णय आया है। बीते 10 दिनों की बात करें तो इन मामलों में तीन बड़े फैसले आए है जिसे लेकर कानून का डर इस तरह के अपराध में संलिप्त रहने वाले लोगों में बना है। आमजन शांति व सुकून के साथ रह सके, ऐसे में इस तरह के फैसले कड़ा संदेश देने के लिए है। न्यायधीश उदयलक्ष्मी सिंह परमार ने नाबालिग लड़की के साथ जबरदस्ती शादी का झांसा देने वाले युवक को दोष सिद्ध होने पर 10 साल की सजा सुनाई है।
दोषी युवक प्रवीण वर्मा(23) है जो बोड़ला थानाक्षेत्र निवासी है। उसने नाबालिग लड़की को बार-बार स्कूल जाने के दौरान रास्ता रोककर परेशान किया करता था, जिससे परेशान होकर उसने बीच में स्कूल जाना भी बंद कर दिया था। जनवरी 2022 में एक दिन पीड़िता स्कूल जा रही थी इसी बीच युवक ने उसे जबरदस्ती खेत में ले जाकर बलात्कार किया। घर में बात बताने पर युवक ने उससे शादी का झांसा दिया, जिसके बाद पीड़िता ने किसी को ये बात नहीं बताई थी। लेकिन डेढ़ साल तक लगातार युवक द्वारा परेशान किया जाता रहा।
आखिरकार जुलाई 2023 में युवक प्रवीण के खिलाफ बोड़ला थाने में मामला दर्ज कराया। बोड़ला थाना पुलिस ने युवक प्रवीण वर्मा के खिलाफ धारा 354घ, धारा 04 लैंगिग अपराधों से बालकों को सरंक्षण अधिनियम के तहत दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। अतिरिक्त लोक अभियोजक पीएन शिवोपासक ने बताया कि मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने युवक को दोषी पाया। दोष सिद्ध होने पर उसके खिलाफ धारा 354 में एक साल व धारा 4 के तहत 10 की सजा सुनाया गया। वहीं 1500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। राशि भुगतान नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।