नए उद्योगों के लिए प्रशासन की ओर से नई जमीन उपलब्ध कराने को दो साल बीत गए। अब 40 करोड़ रुपए की डीपीआर को मंजूरी मिली।
बुरहानपुर. शहर के बाहर नए उद्योगों को बसाने के लिए प्रशासन की ओर से नई जमीन को उपलब्ध कराने को दो साल बीत गए। अब जाकर 40 करोड़ रुपए की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को कैबिनेट में मंजूरी मिली। राशि सेंशन के लिए फाइनेंस कमेटी के पास रिपोर्ट सौंपी गई है। वित्तीय अनुमति के बाद जमीन तैयार होने का काम शुरू होगा।
जिला मुख्यालय से १४ किमी दूर खड़कोद-रेहटा के बीच राजस्व विभाग ने उद्योग विभाग को जमीन उपलब्ध करा दी है। ७५ एकड़ में नया उद्योग बसाना है। १०० उद्योगपतियों ने २५-२५ हजार रुपए के हिसाब से २.५ लाख रुपए जमा करा दिए हैं। यह राशि जमा करने को दो साल बीतने के बाद जमीन का विकास तो दूर अब जाकर डीपीआर को मंजूरी मिली है।
१९६२ के बाद से बुरहानपुर उद्योगों के विकास की राह ताक रहा है। शहर में जनसंख्या बढऩे के बाद जब उद्योग रहवासी क्षेत्र में आ गया तो शासन-प्रशासन ने नए उद्योग की सुध ली। पांच साल से इसके लिए प्रयास चल रहे हैं। दो साल पहले रेहटा-खड़कोद के पास जमीन फाइनल की। छह माह में जमीन का समतलीकरण होकर यहां पर एक साल के भीतर नया उद्योग बसना शुरू कर देना था, लेकिन अब तक जमीन तैयारी का ठिकाना नहीं है।
बनेगा पावरलूम क्लस्टर
शहर में ३५ हजार पॉवरलूम के लिए भी मोहम्मदपुरा में जमीन फाइनल हो गई है। १९ एकड़ जमीन पर लूम क्लस्टर बसेगा। उद्योग विभाग के अनुसार जमीन तो अलॉट हो गई, लेकिन अभी इसकी कागजी कार्रवाई बाकी है। फिलहाल लूम संचालक घरों में पॉवरलूम कारखाने लगाए हुए हैं।
ऐसा है प्लान
औद्योगिक केंद्र विकास निगम द्वारा इस जमीन को तैयार करना है। ७५ एकड़ में से ५१ एकड़ जमीन आवंटन योग्य है। इस क्षेत्र में २ हजार वर्गफीट से ५० हजार वर्गफीट के १६२ प्लाट आवंटित होंगे। डीपीआर की वित्तीय अनुमति मिलने पर सड़क, पाइप लाइन, ड्रेनेज लाइन, ३३ केवी विद्युत सब स्टेशन के अतिरिक्त सुलभ कॉम्पलेक्स, वेयर हाउस, ट्रक टर्मिनल आदि बनेंगे। स्वीकृत परियोजना में भूमि का मूल्य २५० रुपए और विकास शुल्क १४५० रुपए प्रति वर्गमीटर ऐसे कुल १७०० रुपए वर्गमीटर यानी १५८ रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से जमीन मिलेगी। पानी के लिए नजदीकी नदी में बैराज ही बनेगा। जहां से उद्योग के लिए पानी सप्लाय होगा। वर्तमान में उद्योग नगर १० एकड़ भूमि पर बसा हुआ है। लेकिन रेहटा के पास उद्योग नगर विकसित होने से यहां पर २०० से अधिक उद्योग लग सकेंगे।
रेहटा की जमीन के लिए ४० करोड़ की डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। अब फाइनेंस कमेटी के पास रिपोर्ट सौंपी है। इसे स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। - हरिश त्रिपाठी, प्रबंधक उद्योग नगर