नगर निगम आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। निगम के अफसर और नेताओं के बीच समन्वय नहीं बनने से टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। तीन माह के भीतर निगम को दस लाख रुपए की चपत लगी है।
नगर निगम आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। निगम के अफसर और नेताओं के बीच समन्वय नहीं बनने से टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। तीन माह के भीतर निगम को दस लाख रुपए की चपत लगी है।
मनमानी के होर्डिंग शहर की सुंदरता के साथ यातायात नियमों को प्रभावित कर रहे हैं। छोटे-बड़े मिलाकर दो हजार से अधिक होर्डिंग्स लगी हुई है। जिसमें डेढ़ हजार से अधिक होर्डिंग अवैध स्थलों पर लगी हैं। निगम के अधिकृत स्थल 504 हैं।
नगर निगम ने नवंबर-2025 को टेंडर कॉल किया था। एक भी टेंडर नहीं आए। निगम ने निरस्त करने के बाद दोबारा टेंडर कॉल नहीं किया। बताते हैं टेंडर अफसर और नेताओं के बीच खींचतान में झूल रहा है। इस बीच तीन माह के भीतर निगम को 10 लाख रुपए राजस्व की चपत लगी है।
नगर निगम ने शहर में मनमानी की होर्डिंग को लेकर नया टेंडर कॉल किया। 28 लाख रुपए का टेंडर 30 अक्टूबर-25 को कॉल किया था। 28 नवंबर-2025 को टेंडर खुलने की तिथि निर्धारित की गई। एक भी टेंडर नहीं आए। टेंडर निगम ने निरस्त कर दिया। नवंबर से लेकर अब तक तीन माह बीत गए। अभी तक दोबारा टेंडर नहीं कॉल किया गया।
निगम ने 28 लाख का टेंडर कॉल किया है। टेंडर औसत 30 से 40 लाख रुपए होने की उम्मीद है। दरअसल खंडवा की ही तरह खरगौन निगम ने दो साल पहले 65 लाख रुपए का टेंडर किया है। खंडवा में यदि 40 लाख रुपए का औसत लिया जाए प्रति माह 3.33 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। इस औसत से दिसंबर, जनवरी और फरवरी को मिलाकर तीन माह के भीतर 10 लाख रुपए से अधिक की राशि का नुकसान हुआ।
सेक्टर स्थल...होर्डिंग साइज... प्रतिभूति राशि
जोन-1 : 44 (10 बाय 20 ) 5 .25
जोन-3: 254 (3 बाय 5, 10 बाय 20 ) 10.63
जोन-4 : 88 ( 3 बाय 5, 10-20 तक ) 7.26
जोन-2 : 118 (3 बाय 5, 10 बाय 20 ) 5. 82
राजनीतिक दबाव में दबी टेंडर की फाइल
राजनीतिक संरक्षण से शहर में मनमानी के पोस्टर लगे हैं। होर्डिंग लगाने वालों में राजनीतिक दलों के नेताओं से जुडे लोग हैं। सांसद, विधायक, मंत्री के लोग शामिल हैं। नया टेंडर एक व्यक्ति का होगा। अभी अलग-अलग लोगों के पास है। टेंडर होने से नेताओं की होर्डिंग लगाने उनके जेब पर खर्च बढ़ेगा। इस लिए टेंडर की फाइल दबाव में दबी हुई है। दोबारा टेंडर नहीं हो रहा है।
अमृता यादव, महापौर, निगम
शहर में निगम के द्वारा नए होर्डिंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया प्रोसेस में है। इस संबंध में अधिकारियों से भी चर्चा करेंगे।
एसआर सिटोले, उपायुक्त, निगम
नवंबर में टेंडर कॉल किया गया था। निर्धारित तिथियों में आवेदन नहीं आए हैं। निरस्त होने के बाद दोबारा टेंडर कॉल करने की तैयारी चल रही है।