खंडवा

होर्डिंग : अफसर-नेताओं के बीच अटका टेंडर, निगम को 3 माह में 10 लाख की चपत

नगर निगम आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। निगम के अफसर और नेताओं के बीच समन्वय नहीं बनने से टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। तीन माह के भीतर निगम को दस लाख रुपए की चपत लगी है।

2 min read
Feb 17, 2026
Due to absence of tender for hoardings in the city, photo of hoardings generated by AI

नगर निगम आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। निगम के अफसर और नेताओं के बीच समन्वय नहीं बनने से टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। तीन माह के भीतर निगम को दस लाख रुपए की चपत लगी है।

शहर में मनमानी के दो हजार होर्डिंग

मनमानी के होर्डिंग शहर की सुंदरता के साथ यातायात नियमों को प्रभावित कर रहे हैं। छोटे-बड़े मिलाकर दो हजार से अधिक होर्डिंग्स लगी हुई है। जिसमें डेढ़ हजार से अधिक होर्डिंग अवैध स्थलों पर लगी हैं। निगम के अधिकृत स्थल 504 हैं।

निरस्त के बाद दोबारा कॉल नहीं किया टेंडर

नगर निगम ने नवंबर-2025 को टेंडर कॉल किया था। एक भी टेंडर नहीं आए। निगम ने निरस्त करने के बाद दोबारा टेंडर कॉल नहीं किया। बताते हैं टेंडर अफसर और नेताओं के बीच खींचतान में झूल रहा है। इस बीच तीन माह के भीतर निगम को 10 लाख रुपए राजस्व की चपत लगी है।

30 अक्टूबर-25 को कॉल किया था टेंडर

नगर निगम ने शहर में मनमानी की होर्डिंग को लेकर नया टेंडर कॉल किया। 28 लाख रुपए का टेंडर 30 अक्टूबर-25 को कॉल किया था। 28 नवंबर-2025 को टेंडर खुलने की तिथि निर्धारित की गई। एक भी टेंडर नहीं आए। टेंडर निगम ने निरस्त कर दिया। नवंबर से लेकर अब तक तीन माह बीत गए। अभी तक दोबारा टेंडर नहीं कॉल किया गया।

ऐसे समझें 10 लाख का नुकसान

निगम ने 28 लाख का टेंडर कॉल किया है। टेंडर औसत 30 से 40 लाख रुपए होने की उम्मीद है। दरअसल खंडवा की ही तरह खरगौन निगम ने दो साल पहले 65 लाख रुपए का टेंडर किया है। खंडवा में यदि 40 लाख रुपए का औसत लिया जाए प्रति माह 3.33 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। इस औसत से दिसंबर, जनवरी और फरवरी को मिलाकर तीन माह के भीतर 10 लाख रुपए से अधिक की राशि का नुकसान हुआ।

चार जोन में बंटा, प्रतिभूति राशि निर्धारित

सेक्टर स्थल...होर्डिंग साइज... प्रतिभूति राशि

जोन-1 : 44 (10 बाय 20 ) 5 .25

जोन-3: 254 (3 बाय 5, 10 बाय 20 ) 10.63

जोन-4 : 88 ( 3 बाय 5, 10-20 तक ) 7.26

जोन-2 : 118 (3 बाय 5, 10 बाय 20 ) 5. 82

पत्रिका व्यू

राजनीतिक दबाव में दबी टेंडर की फाइल

राजनीतिक संरक्षण से शहर में मनमानी के पोस्टर लगे हैं। होर्डिंग लगाने वालों में राजनीतिक दलों के नेताओं से जुडे लोग हैं। सांसद, विधायक, मंत्री के लोग शामिल हैं। नया टेंडर एक व्यक्ति का होगा। अभी अलग-अलग लोगों के पास है। टेंडर होने से नेताओं की होर्डिंग लगाने उनके जेब पर खर्च बढ़ेगा। इस लिए टेंडर की फाइल दबाव में दबी हुई है। दोबारा टेंडर नहीं हो रहा है।

जिम्मेदार बोले...

अमृता यादव, महापौर, निगम

शहर में निगम के द्वारा नए होर्डिंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया प्रोसेस में है। इस संबंध में अधिकारियों से भी चर्चा करेंगे।

एसआर सिटोले, उपायुक्त, निगम

नवंबर में टेंडर कॉल किया गया था। निर्धारित तिथियों में आवेदन नहीं आए हैं। निरस्त होने के बाद दोबारा टेंडर कॉल करने की तैयारी चल रही है।

Published on:
17 Feb 2026 12:12 pm
Also Read
View All

अगली खबर