खंडवा

Ladli Behna Yojana की किस्त बनी सबूत, कोर्ट ने लगाई बड़ी रोक, पूरा मामला जानें

Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना का लाभ ले रही महिला ने दूसरी शादी कर ली थी और पहले पति से गुजारा भत्ता भी ले रही थी..।
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Sep 22, 2024
Ladli Behna Yojana

Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश के खंडवा में लाड़ली बहना योजना की किस्त एक महिला के खिलाफ सबूत बन गई। सबूत भी ऐसा कि कोर्ट ने अपना ही फैसला बदल दिया। दरअसल यहां एक महिला अपने पहले पति से अलग हो गई थी। जिसके बाद कुटुंब न्यायालय ने महिला को हर महीने गुजारा भत्ता देने का आदेश महिला के पति को दिया था। करीब 5 साल से पति उसे गुजारा भत्ता दे भी रहा था लेकिन अब ऐसी सच्चाई सामने आई जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला बदलते हुए महिला से भरण पोषण का हक छीन लिया।

कोर्ट को धोखे में रख महिला ने की दूसरी शादी

पूरा मामला कुछ इस तरह है कि सोनू नाम की महिला की शादी सीहोर के रहने वाले संदीप किरार के साथ हुई थी। लेकिन साल 2018 में उनके बीच विवाद हुआ और दोनों अलग हो गए इसके बाद महिला सोनू ने खंडवा कुटुंब न्यायालय में भरण पोषण के लिए आवेदन दिया। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पति संदीप उसे 12 दिसंबर 2018 से प्रतिमाह 2500 रुपए गुजारा-भत्ता देता आ रहा था। लेकिन इसी बीच कोर्ट व पहले पति संदीप को धोखे में रख महिला सोनू ने साल 2020 में नरेन्द्र प्यारेलाल के साथ दूसरी शादी कर ली। वो दूसरी शादी करने के बाद भी पहले पति संदीप से हर महीने गुजारा भत्ता लेती रही।

लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना बनी सबूत

दूसरे पति नरेन्द्र प्यारेलाल से महिला सोनू गर्भवती हुई और उसने 26 नवंबर 2022 को एक बेटी को जन्म दिया। बेटी का पंजीयन महिला एवं बाल विकास में कराकर लाड़ली लक्ष्मी का लाभ लेना शुरू कर दिया। स्वयं भी लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही हैं। और जब इस बात का पता पहले पति संदीप को चला तो उसने पूरे सबूते के साथ कुटुंब न्यायालय में आवेदन लगाया। जिसमें उसने बताया कि तलाक लिए बगैर ही सोनू ने दूसरी शादी कर ली थी और फिर भी कोर्ट व उसे धोखे में रखकर गुजारा भत्ता लेती रही। कोर्ट ने पूरे सबूतों के आधार पर भरण पोषण देने के अपने पूर्व के आदेश को रद्द कर दिया है।

Updated on:
22 Sept 2024 06:47 pm
Published on:
22 Sept 2024 06:46 pm