मार्च में आगजनी की घटनाएं तेज हो गई हैं। इंदौर में आगजनी ने आठ जिंदगियां ली गई। इसके बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है। शहर में दो माह से चल रहे मेले में निगम अफसरों और ठेकेदार की लापरवाही के सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं, फरवरी से चालू है।
मार्च में आगजनी की घटनाएं तेज हो गई हैं। इंदौर में आगजनी ने आठ जिंदगियां ली गई। इसके बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है। शहर में दो माह से चल रहे मेले में निगम अफसरों और ठेकेदार की लापरवाही के सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं, फरवरी से चालू है। दो दुकानें जलकर राख हो गईं।
नवचंडी मेले में 20 मार्च की सुबह आग लगने से दो दुकानें धुंआ हो गईं। आग की लपटें इतनी तेज थी कि आस-पास के दुकानों का सामान बाहर निकालना मुश्किल हो गया। आग पर काबू पाने स्थानीय लोग बाल्टीभर कर बुझाने की कोशिश की। आधे घंटे बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड के पहुंचने के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना सुबह नौ बजे की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग अरमान के दुकान के पास रखे कूड़े की चिंगारी से लगी। जिसमें सिंघाड़ तलाई निवासी अरमान की घरेलू सामग्री की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। बगल में पंकज साहू की भी दुकान जल गई। तीसरी और चौथी दुकानों की सामग्री बाहर निकालने से बच।
नवचंडी मेले के ऊपर आसमान में धुएं का गुबार देख आस-पास के कॉलोनियों में अफरा-तफरी मच गई। इसकी सूचना से वहां आस-पास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान मौके पर सुरक्षा के कोई इंतजाम होने से आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
मेले में दुकानदारों का कहना है कि आग लगने से दुकानों में पांच से छह लाख रुपए की सामग्री जलकर राख हो गई। कचरे को जलाया नहीं जाता तो दुकान में आग नहीं लगती। गनीमत रही कि सुबह मेले में भीड़ नहीं थीं। सुबह दुकानें खोलने की तैयारियां में जुट रहे। अरमान की दुकान बंद थी। सुबह लोग दिनचर्या में जुटे।
फरवरी से मेला शुरु हुआ है। 150 दुकानों के बीच बच्चों के लिए तीन झूले लगे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। निगम के अफसर और ठेकेदार की लापरवाही से एक बड़ा हादसा टल गया। हैरानी की बात तो यह कि जिम्मेदार इंदौर हादसे से भी सबक नहीं लिया। दो दिन पहले ही आगजनी में आठ जिंदगियां मिट्टी में मिल गईं। इसके बावजूद निगम के अफसर और ठेकेदार नवचंडी मेले में सुरक्षा को लेकर लापरवाह बने रहे।
शहरी क्षेत्र में लगातार आगजनी की घटनाएं लगातार हो रहीं हैं। नवचंडी परिसर में आगजनी की घटना को लेकर फायर अधिकारी कार्तिक जैन को कुछ भी पता नहीं। फायर अधिकारी को इतना पता नहीं है कि वहां पर कितने दुकानें हैं। दुकानों के बीच फायर एक्विपमेंट रखे हुए हैं या नहीं। जैन ने बताया कि गेट पर दो फायर एक्विपमेंट रखे हुए हैं।
-आपातकाली प्रबंधन ।
-फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम ।
-सीटीवी कैमरा और एक सक्रिय कंट्रोल रूम ।
-दो दुकानों के बीच एक फायर एक्विपमेंट जरूरी है।
-दो एक्जिट गेट जरूरी ।
-बाल्टियों में रेत भर कर रखना।
-रेगुलर सफाई ।
-खोया-पाया केंद्र ।
-शुद्ध पेयजल ।
-भीड़ को नियंत्रित करने बैरिकेट, अनाउंसमेंट सिस्टम ।
-महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग टॉयलेट ।
मेले में सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। गेट पर दो फायर एक्विपमेंट रखे हुए हैं। एक्जिट के लिए दो गेट बने हुए हैं। दुकानें कितनी हैं ये बाजार विभाग बताएंगा। मेले में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के बाद ही कुछ बता सकेंगे।