
मध्य प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं कम नहीं हो रही है। सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी खेतों में फसलों के अवशेष धधक रहे हैं। प्रतिबंध का असर इस कदर बेअसर हुआ है कि बीते तीन दिन के अंतर में अवशेष जलाने की घटनाएं करीब दो गुना बढ़ी हैं। प्रदेश में 30 मार्च की स्थित में 5445 खेतों में नरवाई जलाई , इसमें खंडवा, हरदा, नर्मदापुर टॉप-10 जिले में सबसे अधिक घटनाएं हुई हैं। इसका खुलासा सेटेलाइट सर्वे में हुआ है।
मध्य प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं कम नहीं हो रही है। बीते तीन दिन के अंतर में अवशेष जलाने की घटनाएं करीब दो गुना बढ़ी हैं। 27 मार्च को प्रदेश में 3 हजार 333 खेतों में अवशेष जलाने की घटनाएं सेटेलाइट में रिकार्ड की गईं हैं। 30 मार्च की स्थित में बढ़कर 5 हजार 445 हो गईं। इसमें अकेले बीते तीन दिन में 2112 खेतों में अवशेष जलाए गए। इसमें तीन दिन के भीतर सबसे अधिक नर्मदा पुरम में 910 में रिकॉर्ड हुई हैं। यहां अब तक 1628 घटनाएं हो चुकी हैं। हरदा में अब 1056 रिकार्ड किए गए हैं। इसमें दो दिन के भीतर 360 खेतों में जलाया गया है।
खंडवा में पिछले साल की तुलना में इस बार मामूली लगाम लगी है। यहां अब तक 143 खेतों में अवशेष जलाए गए हैं। जबकि पिछले साल 201 रिकॉर्ड किए गए थे। यहां पर अब तक तीन किसानों पर अर्थदंड भी अधिकतम किया गया है। इसका असर भी दिखने लगा है। कृषि कल्याण विभाग में कृषि यांत्रिकी अधिकारी अमित सेालंकी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल कम हुआ है। बीस से तीस मार्च के बीच गेहूं की कटाई अधिक हुई है। इससे यह आंकड़ा अधिक दिख रहा है। अप्रेल में आंकड़ा कम हो जाएगा। किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग की टीम रेगुलर फील्ड में रिपोर्ट के आधार पर घटनाओं का सत्यापन कर रही है। अब तक पचास से अधिक घटनाओं का स्थल पर पंचनामा तैयार कर लिया गया है। तीन से अधिक पर जुर्माना भी लगाया गया है। सत्यापन के दौरान किसानों को भविष्य में ऐसा नहीं करने की सपथ भी दिलाई जा रही है।
फैक्ट फाइल
नर्मदापुरम 1628
हरदा 1056
सिहोर 837
देवास 488
धार 212
नरसिंगपुर 156
खंडवा 143
उज्जैन 91
छिंदवाड़ा 78
बैतूल 70
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नोट : आंकड़े 30 मार्च की स्थिति में प्रदेश स्तर जारी रिपोर्ट से लिए गए हैं।
फैक्ट फाइल
खंडवा 143
खगरोन 47
बुरहानपुर 4
बड़वानी 6
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प्रतिबंध लगाया गया है। किसानों को जागरूकता के लिए चौपाल लगाई जा रही है। सूचना मिलने पर घटना स्थल पर पंचनामा तैयार किया जा रहा है। राजस्व, कृषि विभाग की संयुक्त टीम कार्य कर रही है। किसानों को नरवाई नहीं जलाने की शपथ भी दिलाई जा रही है। पिछले साल की तुलना में यहां इस बार घटनाएं कम हुई हैं।