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Property tax : 10 हजार नई संपत्तियां…भोपाल में अटका डाटा, खजाने को हर माह 12.50 लाख का फटका

चालू वित्तीय 2026-27 वर्ष में तीन माह बीत गए। अभी तक नगर निगम की नई संपत्तियां टैक्स के दायरे में नहीं आ सकी हैं। अप्रेल में डाटा फाइनल किया गया। डाटा पोर्टल में तकनीकी रूप अटक गया है। जिससे चिन्हित नई संपत्तियां संपत्ति कर के दायरे में नहीं आ सकी हैं।
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खंडवा

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Rajesh Patel

Jul 02, 2026

property tax

खंडवा : नगरीय क्षेत्र में दस हजार चिन्हित नई संपत्तियां टैक्स के दायरे में नहीं आ सकी। फोटो एआई

चालू वित्तीय 2026-27 वर्ष में तीन माह बीत गए। अभी तक नगर निगम की नई संपत्तियां टैक्स के दायरे में नहीं आ सकी हैं। अप्रेल में डाटा फाइनल किया गया। डाटा पोर्टल में तकनीकी रूप अटक गया है। जिससे चिन्हित नई संपत्तियां संपत्ति कर के दायरे में नहीं आ सकी हैं।

हर माह 12 लाख 50 हजार रुपए का लग रहा फटका

चालू वित्तीय वर्ष में तीन माह बीतने के बाद भी निगम नई संपत्तियों से कर की वसूली नहीं कर पा रहा है। इससे निगम के खजाने को हर माह औसत 12 लाख 50 हजार रुपए का फटका लग रहा है। निगम अधिकारियों का दावा है पोर्टल पर काम चल रहा है। जल्द ही नई संपत्तियां कर के दायरे में आएंगी।

दस साल बाद 10 हजार नई संपत्तियां चिन्हित

नगरीय क्षेत्र में दस साल बाद 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां कर के दायरे में आने वाली हैं। ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ( जीआईएस ) सर्वे में इन संपत्तियों की पहचान की गई है। निगम ने वर्ष 2017 के बाद पहली बार वर्ष 2026 में नई संपत्तियों पर कर लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। सर्वे कार्य 8 फरवरी-2025 को शुरू हुआ था, जिसमें 10,887 नई संपत्तियां दर्ज की गईं। वर्तमान में 46,346 संपत्तियां कर के दायरे में हैं। नई संपत्तियों को मिलाकर कुल संख्या 58,233 हो जाएगी।

निगम बढ़ेगी आय, ऐसे लग रहा झटका

नई संपत्तियों से निगम की आय में प्रतिवर्ष करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। वर्ष 2024-25 में 14 करोड़ 40 लाख रुपए आय थी। वर्ष 2025-26 में बढ़कर 15 करोड़ 65 लाख हुई है। वर्ष 2026-27 में नई संपत्तियां कर के दायरे में आने से डिमांड बढ़कर 17 करोड़ रुपए पहुंच जाएगी। नई संपत्तियों से प्रतिवर्ष यदि डेढ़ करोड़ रुपए की आय बढ़ेगी तो इस औसत से हर माह 12 लाख 50 हजार रुपए का नुकसान होगा।

सबसे अधिक इन वार्डों में नई संपत्तियां

खानशाहवली ( वार्ड-36 ) में सबसे अधिक नई संपत्तियां मिली हैं, इस वार्ड में 2 हजार नई संपत्तियों के साथ कुल 3200 संपत्तियां हो गई हैं। ( वार्ड-5 ) किशोर कुमार गांगुली में 495 नई संपत्तियों सहित 2696 और संतोषी माता ( वार्ड-32 )में 1000 नई संपत्तियों के साथ कुल 2200 संपत्तियां दर्ज हुई हैं।

इनका कहना : प्रकाश राजपूत, बाजार प्रभारी

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार नई संपत्तियों का डाटा अप्रेल माह में नगरीय प्रशासन को भेज दिया गया है। पोर्टल पर अपडेट की प्रक्रिया चल रही है। त्रुटियों को सुधार के बाद डाटा फाइनल होते ही नई संपत्तियां कर के दायरे में आ जाएंगी। इससे हर वर्ष करीब दो करोड़ रुपए की डिमांड बढ़ेगी।