
खंडवा : मेडिकल कॉलेज सबद्ध अस्पताल की ओटी में टेक्नीशियन निश्चेतना की डोज दे रहे हैं। एआई फोटो
मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। नंदकुमार चौहान चिकित्सा महाविद्यालय से सबद्ध अस्पताल में पैथालॉजिकल और अर्थों का टेक्नीशियन एनेस्थीसिया दे रहा है। अस्पताल के सहायक अधीक्षक का कहना है कि टेक्नीशियन को ओटी में डॉक्टरों के सहयोग के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नंदकुमार सिंह चिकित्सा महाविद्यालय सह चिकित्सालय में मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल की ओटी में दो टेक्नीशियन बगैर योग्यता मरीजों को निश्चेतना दे रहे हैं। जिसमें एक के पास मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी का प्रमाण पत्र है। जबकि दूसरे के पास अर्थों में डिप्लोमा है। दोनों के पास निश्चेतना का कोई प्रमाण पत्र नहीं है। बावजूद दोनों कर्मचारी पदस्थापना दिनांक से ही मरीजों को निश्चेतना दे रहे हैं।
बगैर सह चिकित्सकीय पंजीयन के मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। निश्चेतना का अधिक डोज से मरीज की जान भी जा सकती है। मेडिकल कॉलेज का दावा है कि टेक्नीशियन निश्चेतना नहीं दे रहे हैं। ओटी में डॉक्टरों के सहयोग के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मेडिकल कॉलेज सबद्ध अस्पताल में पैथालॉजी टेक्नीशियन पंकज सोलंकी और पैरामेडिकल टेक्नीशियन रामकृष्ण तिरोले कोविद के दौरान से पदस्थ हैं। वर्तमान समय में अस्पताल में निश्चेतना के डॉक्टरों की कमी है। मेडिकल कॉलेज के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दोनों टेक्नीशियन लंबे समय से अस्पताल की ओटी में मरीजों को एनेस्थीसिया का डोज दे रहे हैं। मामले में टेक्नीशियन पंकज सोलंकी और रामकृष्ण तिरोले का कहना है कि ओटी में टेक्नीशियन के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। एनेस्थीसिया का डोज नहीं दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज ने उन्हें अस्पताल की ओटी में डॉक्टरों की सहायता के लिए जिम्मेदारी सौंपी है।
मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ सुनील बाजोलिया का कहना है कि ओटी में टेक्नीशियन को डॉक्टरों की मदद के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेडिकल कॉलेज के निश्चेतना विभाग में तीन फैकल्टी में है। जिसमें डॉ सीमा, डॉ भारती, डॉ रानी हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में डॉ संजीव दीक्षित, डॉ श्वेता निश्चेतना स्पेशलिस्ट हैं। इसके अतिरिक्त जरूरत पड़ने पर 6 सीनियर और दो जूनियर रेजीडेंट्स हैं।
टेक्नीशियन एनेस्थीसिया नहीं दे सकता है। ओटी में डॉक्टरों की मदद के लिए ड्यूटी लगाई जाती है। अगर ऐसा है तो चेक कराएंगे।
Published on:
29 Jun 2026 12:20 pm
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