
खंडवा (पत्रिका). भगवान के जन्म के साथ ही पूरी नगरी प्रभु राम की एक झलक पाने को व्याकुल हो रही थी। रामलीला का प्रारंभ राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरू वशिष्ठ के पास गए। वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि से शुभ पुत्र कामेष्ठि यज्ञ करवाना। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर खीर प्रदान की। राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर प्रदान करना और खीर खाकर तीनों रानियों का गर्भवती होने की लीला हुई।
बाहेती कॉलोनी स्थित गायत्री मंदिर पर सोमवार से रामलीला का मंचन शुरू हुआ। प्रयाग से आई रामलीला मंडल ने भगवान श्रीराम के रामचरितमानस पर आधारित रामलीला का मंचन शुरू किया। रामलीला में महाराज पंडित श्रीहरि कृष्ण तिवारी और व्यासपीठ पर शिवसागर त्रिपाठी द्वारा संगीतमय नारद मोह राम जन्म का प्रयाग की मंडली द्वारा पाठ किया जा रहा है।
सोमवार को रामलीला मंडली द्वारा बाहेती कॉलोनी में भगवान राम के साथ तीनों भाईयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या बड़े ही उत्साहित थे। अवध में चारों ओर बधाई गान गाए गए। कौशल्या जाओ अवध में मचो हल्ला अवध में जन्मे रघुराई, कौशल्या रानी दे दो बधाई। इस दौरान लोग रामलीला देखने के लिए पहुंच रहे है।
संगीतमय नर्मदा पुराण के साथ होगा यज्ञ
खंडवा ञ्च पत्रिका. लोकमान्य तिलक वार्ड के कैलाश नगर में राधा रमन मानव सेवा समिति संगीतमय नर्मदा पुराण और यज्ञ का आयोजन कर रही है। १७ जनवरी से 24 जनवरी 2018 तक आयोजन किया जाएगा। शहर में पहली बार मां नर्मदा पुराण के साथ यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। नर्मदा पुराण के दौरान सुबह पांच हवन कुंडों में यज्ञ किया जाएगा। मानव कल्याण और विश्व शांति के लिए आयोजित पुराण के लिए भूमि पूजन 12 जनवरी को कैलाश नगर और कीर्ति नगर के बीच चयनित भूमि का पूजन पांच पंडितों द्वारा पंडित कैलाश चंद्र डोंगरे करेंगे। सुनील अग्रवाल ने बताया कि राधारमण मानव सेवा समिति नर्मदा पुराण में 108 कलश के साथ 17 जनवरी को भव्य कलश यात्रा लाल चौकी स्थित महालक्ष्मी भवन से निकलेगी। इसमें एक कलश में अमरकंटक से लाया गया मां नर्मदा का जल भी रहेगा। रविवार को कैलाश नगर स्थित शिव मंदिर में आयोजित बैठक में चर्चा में बताया कि पुराण का संगीतमय वाचन पंडित कैलाश चंद्र डोंगरे करेंगे। प्रतिदिन सुबह 9 से 12 बजे तक यज्ञ का आयोजन होगा वहीं दोपहर 12 बजे से शाम 5 तक किया जाएगा। बैठक में कैलाश महाजन, जय किशन पारवानी, ताराचंद प्रजापति, मुकेश सुराग, सुमित करवे सहित रहवासी बड़ी संख्या में मौजूद थे। देहदान की घोषणा एवं नेत्रदान की घोषणा भी इस दौरान की जाएगी।