ये भी खूब...नगर निगम प्रांगण में पात्रता पर्ची वितरण कार्यक्रम में लोगों को नहीं ला सका विभाग।
खंडवा. चुनावी वर्ष में हर छोटे काम के लिए बड़े आयोजन करना लोगों की संख्या को घटाने वाले साबित हो रहे हैं। नगर निगम प्रांगण में पात्रता पर्ची वितरण कार्यक्रम में कुछ एेसा ही नजारा देखने को मिला। स्थिति ये बनी कि खुद को अकेला पाकर और सामने खाली कुर्सियां देकर विधायक को खुद ये कहना पड़ा कि फोन लगाकर पार्षदों को बुलाओ।
निगम प्रांगण में शुक्रवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा नगरीय सीमा क्षेत्र के नवीन सम्मिलित परिवारों को पात्रता पर्ची वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां शामियाना लगाया गया लेकिन लोग कम ही शामिल हुए। सुबह 11 बजे के कार्यक्रम में विधायक दोपहर १.१५ बजे आए। तब तक भी न तो पार्षद व जनप्रतिनिधि आए और न ही यहां कुर्सियां भर पाईं।
पार्षद आएंगे तो ही बांटेंगे, नहीं तो नहीं बांटेंगे
खुद को ठगा-सा महसूस कर रहे विधायक ने खाद्य विभाग के अफसरों से पूछा कि लोग क्यों नहीं आए? जवाब मिला- निगम को जिम्मेदारी दी थी। निगमायुक्त जेजे जोशी ने कहा- खाद्य विभाग की जिम्मेदारी थी। इधर, विधायक सोफे से उठे और कहा कि जितने भी वितरक बैठे हैं, वो अपने क्षेत्र के पार्षदों को फोन लगाकर बुलाओ। पार्षद आएंगे तो ही पर्ची बांटेंगे। करीब 15 मिनट बाद एमआईसी सदस्य दिनेश पालीवाल, पार्षद सुनील जैन, सागर आरतानी, जिला आपूर्ति अधिकारी डीएस मुजाल्दा की मौजूदगी में पात्रता पर्ची बांटी गई। हालांकि हितग्राहियों के लिए लगाई अधिकांश कुर्सियां खाली रहीं। पूरे कार्यक्रम में कुल मिलाकर अफसरों की लापरवाही के साथ ही ये भी सामने आया कि हर छोटी सी उपलब्धि के लिए बड़ा आयोजन करने के कारण लोगों का इसमें शामिल होना कम होता जा रहा है।
फैक्ट फाइल
853 बीपीएल परिवार नवीन सत्यापित हुए हैं शहरी क्षेत्र में
26763 परिवार हैं शहरी क्षेत्र के पोर्टल पर सत्यापित
233141 परिवार हैं जिले में अंत्योदय व अन्य परिवार
मंच से इन्हें बांटी गई पात्रता पर्ची
दो महिलाओं का नाम बीबी बी होने से एक का राशन बंद होने की कगार पर था लेकिन सर्वे में जब ये पात्र पाई गईं तो मंच से इन दोनों को पात्रता पर्ची दी गई। इसके अलावा गोपाल टंटू, वासुदेव, गोविंद, नसरीन, बाबूलाल, रफीक, आशाबाई, शहजादी, अय्युब खा, राकेश श्रीवास सहित अन्य को पर्ची दी गई। अंत में एसडीएम शाश्वत शर्मा भी मंच पर आए।