खंडवा

शिक्षा मंत्री ने कहा खाना खिलाओ, पानी तक नहीं आया तो पूछा- उठकर मैं पिला दूं?

प्रतिभा पर्व में खामियों से पटे मिले स्कूल, शिक्षा मंत्री ने इन्हें बिसरा सिर्फ ख्वाब दिखाए।
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Oct 16, 2017
Breaking news of education minister in mp
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खंडवा. स्कूल शिक्षा विभाग में पहली बार हाईस्कूल व हायर सेकंडरी के लिए आयोजित प्रतिभा पर्व ६ से १४ अक्टूबर तक हुआ। रविवार को एमएलबी स्कूल में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से आई डिप्टी डायरेक्टर शोभना निगम ने जब प्राचार्यों से जानकारी ली तो सामने आया कि प्रतिभा पर्व खामियों से पटे मिले हैं। सुबह से ११ से २.१५ बजे खामियां ढूंढने पर मंथन चला। इन्हें दूर करने पर चर्चा होने वाली थी और यहां शिक्षा मंत्री विजय शाह पहुंचे। मंत्री ने इसके बाद शाम ५.१५ बजे तक प्राचार्यों को भाषण दिया और इसमें उन्हें ख्वाब दिखाए। मंत्री ने कहा- स्कूलों में ४० इंच की १५ हजार एलईडी देंगे। अन्य कई पुरानी घोषणाएं भी फिर से की। वहीं शिक्षकों की कमी दूर करने, स्कूलों को भवन उपलब्ध कराने, अतिथि शिक्षकों की भर्ती करने सहित अन्य मुद्दों पर मंत्री ने कोई खास रूचि नहीं दिखाई।

प्रतिभा पर्व के ये हाल सामने आए...
1. स्कूल भवन और शिक्षक नहीं, डी-ई ग्रेड के छात्र
विखं : पुनासा
स्थिति : ५ हाईस्कूल भवनविहीन, १९ में फर्नीचर की कमी व ४ में बिल्कुल नहीं, १० में बाउंड्रीवॉल नहीं, ५ स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं मिले। ९वीं के छात्र बहुत कमजोर। १० से १२वीं तक डी व ई ग्रेड छात्र ज्यादा।
2. जिला मुख्यालय व गांवों के स्कूल लगभग समान
विखं : खंडवा
स्थिति : जिन हाईस्कूल को खुले दो साल हो गए हैं, उनके पास पर भी भवन नहीं। बोरगांव खुर्द स्कूल जैसे कई स्कूलों में बिजली, पानी, फर्नीचर की समस्या। ९वीं कक्षा के छात्र बेहद कमजोर। अतिथि शिक्षक तक नहीं हैं।
3. १२ में ही मूल प्राचार्य
विखं : खालवा
स्थिति : ४६ स्कूलों में ९ लोग गए थे। ८ में बिजली नहीं, ६ में पानी की कमी। सुविधाघर और बाउंड्रीवॉल की उपलब्धता कम। लैब, पुस्तकालय, फर्नीचर की स्थिति कुछ ठीक लेकिन १२ में ही मूल प्राचार्य, शेष में प्रभारी।

मंत्री ने कहा पूछा- उठकर मैं पिला दूं?
एमएलबी स्कूल में मंत्री विजय शाह पहुंचे तो प्राचार्यों ने कहा- सुबह से बैठे हैं, खाने का कोई बंदोबस्त नहीं है। पीने के पानी तक के लिए नहीं पूछा गया है। मंत्री ने तत्काल सभी के खाने का इंतजाम करने के निर्देश दिए। जब बहुत देर तक पानी भी नहीं पहुंचा तब मंत्री ने जिम्मेदारों से तीन बार पूछा- क्या मैं उठ कर पिला दूं? प्राचार्यों के लिए आनन-फानन में बोतलबंद पानी बुलवाया गया। डीईओ पीएस सोलंकी, प्राचार्य डॉ. संजय निम्भोरकर, दिलीप कर्पे व अन्य आनन-फानन में व्यवस्था करने में जुटे। हालांकि खाने का प्रबंध नहीं हुआ, सिर्फ नाश्ता ही आया। मंत्री ने पूछा- कितने प्राचार्य स्कूल में दो पीरियड पढ़ा रहे हैं?, बीड़ के प्राचार्य से भी सवाल किया गया।

Published on:
16 Oct 2017 12:12 pm