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संत समाज से उठी आवाज… सार्वजनिक की जाए ओंकारेश्वर, ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की आय

-अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी की घटना के बाद उठ रही मांग -एक साल पहले कलेक्टर ने बनाई थी समिति, हर 15 दिन में हो रही दान की गिनती -इधर, ओंकारेश्वर मंदिर की आय भी 44.83 करोड़ पहुंची, पिछले साल से 5 करोड़ अधिक
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खंडवा

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Manish Arora

Jul 06, 2026

omkareshwar

खंडवा. ओंकरेश्वर ज्योतिर्लिंग।

देश में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में ट्रस्ट के लोगों द्वारा दान चोरी की घटना के खुलासे के बाद देशभर में मंदिरों की आय सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है। खंडवा जिले के द्वादश ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और मममलेश्वर मंदिर में भी लंबे समय से आय की राशि सावजनिक नहीं की गई है। जिसे लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं द्वारा ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर की आय को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

ट्रस्ट करता है ज्योतिर्लिंग मंदिर की व्यवस्था

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की व्यवस्था श्रीजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा संभाली जाती है। पिछले कई वर्षों से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिग मंदिर की आय को सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं, ममलेश्वर मंदिर की व्यवस्था पुरातत्व विभाग देखता है। करीब एक साल पहले कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने यहां मंदिर प्रबंधन समिति के गठन के लिए तत्कालीन एसडीएम शिवम प्रजापति को निर्देश दिए थे। जिसके बाद एसडीएम ने प्रबंधन समिति का गठन किया था। यहां प्रबंधन समिति द्वारा मंदिर परिसर में दान पेटियां भी स्थापित की गई थी। एक साल में कभी भी ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने मंदिर की आय को सार्वजनिक नहीं किया।

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संत समाज सहित तीर्थनगरी के लोग कर रहे मांग

ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा हर माह दान पेटियां खोली जाती है, लेकिन ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया जाता। ममलेश्वर मंदिर की आय को सार्वजनिक करने के लिए संत समाज, मंदिर से जुड़े पुजारी सहित भाजपा, कांग्रेस भी मांग कर रही है। षट दर्शन मंडल महंत मंगलदास महाराज, भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा, कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह सहित स्थानीय लोग भी आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।

समिति सदस्यों को भी नहीं मिलता ब्यौरा

ममलेश्वर मंदिर समिति द्वारा आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करना तो दूर, समिति सदस्यों को ही जानकारी नहीं दी जाती। ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति सदस्य दूल्हे सिंह ने बताया दान पेटियां प्रत्येक माह खोली जाती हैं और चढ़ावे की राशि की जानकारी मौखिक रूप से दी जाती है । लेकिन कुल राशि, बैंक खाते, जमा प्रक्रिया और व्यय का विस्तृत विवरण समिति के सदस्यों को भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। हालांकि मोबाइल पर एसएमएस आता है किसी माह 15 लाख किसी माह 16 लाख रु जमा हुए।

ओंकारेश्वर मंदिर को हुई 44.83 करोड़ की आय

ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में भी आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया जाता है। मंदिर ट्रस्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में मंदिर की कुल आय 44.83 करोड़ रुपए हुई है। इसमें 19 करोड़ का व्यय भी बताया गया है। मंदिर ट्रस्ट के खाते में एफडी और सेविंग के करीब 65 करोड़ रुपए बैंक में जमा बताए गए है। वहीं, वर्ष 2024-25 में मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते में 39 करोड़ रुपए दर्शाए गए है। मंदिर ट्रस्ट ने आगामी वर्ष के लिए बनाए बजट में 19 करोड़ की आय और 13.40 करोड़ रुपए व्यय के जोड़े गए हैं।

वीडियोग्राफी के साथ खोल रहे दान पेटी

ममलेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिर के दान की राशि हर 15 दिन में मजिस्ट्रेट की स्थिति में खोली जाती है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाती है। पूरी राशि मंदिर के खाते में जमा कराते हैं। इसी राशि से मंदिर कर्मचारियों का वेतन और मंदिर परिसर में हो रहे विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर