
खंडवा. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान चोरी की घटना ने देशभर में सनातन धर्म से जुड़े लोगों को अचंभित कर रखा है। खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी हर साल करोड़ों का दान आता है। यहां प्रशासन ने दान की राशि को लेकर पहले से पारदर्शिता बना रखी है। दान राशि की गिनती मजिस्ट्रेट के सामने बकायदा वीडियोग्राफी के साथ की जा रही है।
ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा दान की राशि उजागर नहीं की जाती है, लेकिन अनुमान के मुताबिक सालभर में 70 करोड़ से अधिक का दान आता है। ओंकारेश्वर में सर्वाधिक आय ऑनलाइन शीघ्र दर्शन व्यवस्था, प्रसादालय और लड्डुओं की बिक्री से आता है। साथ ही दर्शनार्थियों द्वारा भी दान पेटी में नकद राशि डाली जाती है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन दान करने की भी व्यवस्था है। अधिकतर दान ऑनलाइन के माध्यम से ही आता है। नकद राशि की गिनती भी सप्ताह में दो बार मंगलवार और शुक्रवार को एसडीएम (मजिस्ट्रेट) के समक्ष वीडियाग्राफी के साथ की जाती है।
मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन द्वारा ओंकारेश्वर मंदिर में होने वाली आय का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया जाता है। वर्ष 2024 में मंदिर की आय-व्यय के ब्योरे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तब मंदिर की आय करीब 33 करोड़ रुपए बताई गई थी। महाकाल मंदिर बनने के बाद से मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ भी बढ़ी है। यहां प्रतिदिन करीब 25 से 30 हजार और विशेष अवसरों, पूर्णिमा, अमावस, शनिवार-रविवार को यह संख्या दो से तीन गुना हो जाती है। भगवान के दर्शन करने वाले दान पेटियों में नकद राशि सहित सोना-चांदी भी दान कर रहे हैं।
प्रतिदिन मंदिर ट्रस्ट द्वारा 2 हजार स्लॉट शीघ्र दर्शन के बुक किए जाते है, जिसके लिए 300 रुपए प्रति व्यक्ति लिया जाता है। इस हिसाब से करीब 6 लाख रुपए रोज सिर्फ शीघ्र दर्शन से आय हो रही है। इसके अलावा प्रसादालय में भी प्रति व्यक्ति 30 रुपए में भोजन प्रसादी परोसी जाती है। रोजाना 5 हजार से अधिक लोग भोजन भी यहां कर रहे हैं।
ओंकारेश्वर मंदिर में अधिकतर दान ऑनलाइन माध्यम से ही आता है। जो नकद राशि आती है उसकी गिनती में भी पारदर्शिता रखी जाती है और मंदिर ट्रस्ट द्वारा रसीद भी दी जाती है। आयकर में छूट के लिए कोई प्रमाण पत्र मांगता है तो वह भी देते है।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर
Updated on:
23 Jun 2026 12:14 pm
Published on:
23 Jun 2026 12:14 pm
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