
नगर सरकार अंग्रेजों के जमाने से शहर की प्यास बुझाने वाले नागचून और भैरव तालाब अब सिर्फ घूमने और पानी संग्रहण के स्थान नहीं रहेंगे। इन्हें पर्यटन और मनोरंजन के संगठित केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। पर्यटन को बढ़ावा के लिए पीपीपी मॉडल पर पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र बनाने की तैयारी है। इन केंद्रों के विकसित होने से बच्चे-बुजुर्ग और महिलाओं के लिए पहली बार चौपाटी व पारिवारिक पर्यटन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
अंग्रेजों के जमाने से शहर की प्यास बुझाने वाले नागचून और भैरव तालाब अब सिर्फ घूमने और पानी संग्रहण के स्थान नहीं रहेंगे। नगर निगम इन्हें पर्यटन और मनोरंजन के संगठित केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। योजना सफल रही तो शहरवासियों को पहली बार चौपाटी, बोटिंग, खानपान, मनोरंजन और पानी के बीच रेस्टोरेंट जैसी सुविधाओं का आनंद मिलेगा। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग परिवार के साथ यहां समय बिता सकेंगे। दोनों जलाशयों को नए स्वरूप में विकसित करने की कार्य योजना है। विकास के बाद संचालन में पीपीपी मॉडल की तैयारी है। निजी एजेंसियों को निर्धारित शर्तों के साथ संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। जबकि संपत्ति और नियंत्रण नगर निगम के पास रहेगा।
पदमकुंड के सामने स्थित भैरव तालाब करीब 3.50 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसमें दो एकड़ से अधिक जलीय क्षेत्र है। निगम ने तालाब को चारों ओर और बीच के हिस्से में पर्यटन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। यहां पानी के बीच रेस्टोरेंट विकसित करने की तैयारी है। परिसर में चौपाटी भी बनाई जाएगी। लोगों को खानपान और मनोरंजन की सुविधाएं मिल सकेंगी। जलीय क्षेत्र में बोटिंग शुरू करने की योजना भी है। तालाब के विकास के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक लागत की कार्य योजना तैयार की गई है। परिसर में अष्टमुखी कुंड का निर्माण भी किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 2.48 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य चल रहे हैं। पानी के बीच फव्वारा विकसित करने की भी तैयारी है।
शहर से करीब 5 किमी दूर स्थित नागचून तालाब शहर की जीवनरेखा माना जाता है। वर्षों से यह शहर की प्यास बुझाने में अहम भूमिका निभा रहा है। अब इसकी पहचान पर्यटन स्थल के रूप में भी बनाने की तैयारी है। करीब 500 एकड़ क्षेत्र वाले तालाब में लगभग 450 एकड़ जलीय क्षेत्र है। यहां बोटिंग की सुविधा विकसित करने की तैयारी है। पानी में तैरते रेस्टोरेंट और आकर्षक चौपाटी भी लोगों के लिए नया अनुभव हो सकते हैं। रंगबिरंगी रोशनी, बैठने की सुविधाएं, खानपान और मनोरंजन के नए आकर्षण विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे शाम के समय परिवारों के लिए बेहतर पर्यटन स्थल उपलब्ध हो सकेगा।
10-10 साल के लिए संचालन देने की तैयारी
निगम दोनों पर्यटन स्थलों के विकास के बाद संचालन की जिम्मेदारी अलग-अलग निजी एजेंसियों को लगभग 10-10 साल के लिए देने की योजना पर काम कर रहा है। एजेंसियों को साफ-सफाई, रखरखाव, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे नगर निगम को भी संचालन शुल्क या राजस्व में हिस्सेदारी के रूप में आय होने की संभावना है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने पर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
पानी में बोटिंग का आनंद।
पानी के बीच रेस्टोरेंट की सुविधा।
आकर्षक और रंगबिरंगी चौपाटी।
बच्चों के लिए मनोरंजन के साधन।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बैठने व घूमने की सुविधा।
परिवार के साथ खानपान और पर्यटन का आनंद।
शाम के समय मनोरंजन के नए आकर्षण।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की संभावना।
भैरव तालाब : 3.50 एकड़ क्षेत्रफल, दो एकड़ से अधिक जलीय क्षेत्र।
भैरव तालाब योजना : चौपाटी, बोटिंग, पानी के बीच रेस्टोरेंट और फव्वारा।
नागचून तालाब : करीब 500 एकड़ क्षेत्र, 450 एकड़ जलीय क्षेत्र।
नागचून योजना : बोटिंग, तैरता रेस्टोरेंट, चौपाटी और मनोरंजन सुविधाएं।
संचालन मॉडल : पीपीपी मॉडल पर निजी एजेंसियों को जिम्मेदारी देने की तैयारी।
लक्ष्य : तालाबों को शहर की टाइमलाइन के साथ आधुनिक पर्यटन और मनोरंजन की पहचान बनाना।
नागचून और भैरव तालाब शहर की महत्वपूर्ण जल संरचनाएं हैं। इन्हें जल संरक्षण के साथ पर्यटन और मनोरंजन के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। कार्य योजना और संचालन की शर्तों पर विचार किया जा रहा है। पीपीपी मॉडल के माध्यम से बेहतर सुविधाएं विकसित करने का प्रयास रहेगा। इससे शहरवासियों को परिवार के साथ घूमने और मनोरंजन के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा।