नगरीय क्षेत्र में जनगणना-2025-26 के तहत मकानों की नंबरिंग का काम शुरु हो गया है। तीन दिन के भीतर 1700 मकानों पर नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस दौरान मकान मालिक और किरायेदारों का भी डाटा तैयार किया जा रहा है।
नगरीय क्षेत्र में जनगणना-2025-26 के तहत मकानों की नंबरिंग का काम शुरु हो गया है। तीन दिन के भीतर 1700 मकानों पर नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस दौरान मकान मालिक और किरायेदारों का भी डाटा तैयार किया जा रहा है।
जनगणना-2025-26 की प्रारंभिक प्रक्रिया में कच्चे व पक्के ढांचे नंबरिंग की जा रही है। तीन दिन में 1700 भवनों की नंबरिंग की जा चुकी है। इस दौरान सामान्य मकान, सह दुकान के साथ कामर्शियल भवनों और खंडहर, झोपड़पट्टी के साथ ही अन्य ढांचे को रिकार्ड में दर्ज किया जा रहा है।
निगम के 50 वार्डों में 100 से अधिक कर्मचारी नंबरिंग के लिए लगे हुए हैं। तीन दिन में 1700 मकानों पर नंबरिंग हो चुकी है। नंबरिंग के दौरान मकान, सह दुकान, दुकान, बैंक, होटल, सरकारी गैर सरकारी कार्यालय आदि ढांचा को रिकार्ड पर दर्ज किया जा जा रहा हैै। नंबरिंग के बाद ब्लाक बनाएंगे और फिर जनसंख्या की गणना तैयार करेंगे।
निगम के रिकार्ड में पंजीकृत 46 हजार से अधिक मकान हो गए हैं। इसमें जीआई सर्वे के दौरान नई संपत्तियों को लेकर 59 हजार से अधिक संपत्तियां हो जाएंगी। इसके अलावा झोपड़पट्टी यानी मानव को रहने वाली जगह का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है।
शहर में अब तक 200 से अधिक मकानों में ताला लटकता मिला है। मकान खाली हैँ या फिर खंडहर में कबाड़ से भरे हुए हैं। अकेले वार्ड-15 में 20 से अधिक चिन्हित किए गए हैं। जो मकान खाली हैं, टीनशेड और जर्जर भवनों में कोई रहने वाला नहीं है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंकड़े फाइनल होंगे।
नंबरिंग के दौरान किराए के भवन में दो प्रकार की नंबरिंग की जा रही है। पहला जनगणना क्रमांक के साथ मकान मालिक और उसके परिवार की संख्या लिखी जाएगी। दूसरा किराए पर रहने वाले परिवार के मुखिया का नाम भी दर्ज होगा। महिला हो या पुरुष वर्ग। संख्या दोनों परिवारों की लिखी जाएगी।
नंबरिंग के दौरान मकान मालिक के साथ ही घरों में रहने वाले परिवारों का भी डाटा तैयार किया जा रहा है। गणना कर्मचारियों का कहना है कि मकान मालिक के साथ उसमें रहने वाले किराएदारों की अनुमानित संख्या ली जा रही है। जिससे भविष्य में ब्लाक बनाने में सहूलियत मिलेगी।