
Forest Ranger Threatens Tribals in khandwa (फोटो- Patrika.com)
MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक गांव में वन विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी जिस दौरान बड़ा विवाद हो गया। विभाग की टीम का आदिवासी ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। इसी को लेकर के फॉरेस्ट रेंजर को गुस्सा आ गया और उन्होंने आदिवासियों की कब्र खोद देने की धमकी दे डाली। रेंजर की धमकी के बाद मामला तनावपूर्ण हो गया था। वन विभाग की इस कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार भी घटनास्थल पर मौजूद थे।
दरअसल, जिले के मांधाता क्षेत्र के नरलाय गांव में वन विभाग की टीम रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। इस पर ग्रामीण और आदिवासी आक्रोशित हो गए। वन और राजस्व विभाग की टीम जैसे ही जमीन को अपने कब्जे में लेने के लिए पहुंची वैसे ही आदिवासियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। हालांकि, इससे वन विभाग की टीम की कार्रवाई नहीं रुकी। जेसीबी मशीनों से 10 झोपड़ियों को हटाया गया और उसी जमीन पर कंटूर ट्रेंच बनाया गया। विभाग ने कहा है कि यहां बरसात के मौसम में पेड़ लगाए जाएंगे जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने अपना विरोध जारी रखा। उन्होंने कहा कि वह चार पीढ़ियों से यहां रह रहे है और खेती कर रहे है। ग्रामीणों ने कहा कि किसानी ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। आदिवासियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक उन्हें बेघर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये हमारे यहां रहने से पहले ये जमीन बिलकुल बंजर थी जिसे हमने अपनी मेहनत से उपजाऊ बनाया है।
इसी दौरान फॉरेस्ट रेंजर एसएस चौहान की कुछ आदिवासियों से बहस हो गई। इस बहस में फॉरेस्ट रेंजर बने आदिवासियों को धमकी दे दी जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। रेंजर चौहान ने आदिवासियों को कहा कि ज्यादा बहस बात मत करो… नहीं तो यहीं तुम्हारी कब्र खोद दूंगा।' रेंजर की इस धमकी का वीडियो वहां खड़े कुछ ग्रामीणों ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद रेंजर चौहान ने सफाई दी। रेंजर ने कहा कि मौके पर कुछ लोग आक्रामक हो गए थे। उन्होंने बताया कि एक युवक उनकी तरफ पत्थर लेकर दौड़ा था। जिससे वहां तनाव की स्थित बन गई थी। इसी कारण उनसे ऐसे शब्द निकल गए। उन्होंने कहा कि मेरे शब्दों का गलत मतलब निकाला जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2022 में करीब 23 एकड़ राजस्व भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की गई थी। बताया जा रहा है कि इस जमीन को ओंकारेश्वर में बन रहे अद्वैत लोक परियोजना के अंतगर्त कर दिया गया है। इस जमीन पर 15-20 आदिवासी परिवारों के घर है जहां वह खेती भी करते है। इसी को हटाने के लिए वन विभाग की टीम भारी पुलिस बल, राजस्व टीम, डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार के साथ पहुंची थी।
Updated on:
19 Apr 2026 08:37 pm
Published on:
19 Apr 2026 08:37 pm
