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सावधान… जनगणना के नाम पर खाली हो सकता है बैंक खाता, इन बातों का रखें ध्यान

Census 2027: ऑनलाइन जनगणना के अनतर्गत स्व-गणना के लिए आप ऑनलाइन साइट सर्च करते समय और अनजान नंबर से आया लिंक खोलते हैं तो यह आपक बैंक खाता खाली कर सकता है।

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खंडवा

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Akash Dewani

Apr 19, 2026

Your Bank Account Could Be Drained in the Name of the Online Census 2027 MP News

Bank Account Could Be Drained in the Name of the Online Census (फोटो- Patrika.com)

MP News: देश में ऑनलाइन जनगणना (Census 2027) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में आप स्व-गणना कर रहे है तो यह खबर आपके लिए है। स्व-गणना के लिए आप ऑनलाइन साइट सर्च करते समय और अनजान नंबर से आया लिंक खोलते हैं तो यह आपक बैंक खाता खाली कर सकता है। यह इसलिए की साइबर ठग सरकारी योजनाओं के साथ ही नए ट्रेंड् को फॉलो कर ठगी का जाल बुनते हैं। ऐसे में आपकी थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है।

स्व गणना का फॉर्म भरते समय रखे ध्यान

खंडवा शहर सहित जिले में इन दिनों जनगणना के लिए स्व गणना की जा रही है। आम लोगो से घर बैठकर ही ऑनलाइन स्व-गणना के लिए कहा जा रहा है। यह कार्य थोड़ी-सी लापरवाही में मुसिबत भी बन सकता है। दरअसल यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। कई बार लोग इसके लिए स्व-गणना के लिए वेबसाइट सर्च करते हैं। वहीं इस प्रक्रिया में वेबसाइट खोलने के लिए ओटीपी भी आता है। ऐसे में साइबर फ्राड आपके साथ धोखाधड़ी कर सकते है।

आपको स्व-जनगणना के नाम फर्जी लिंक भेज सकते है या फिर सरकारी साइड से मिलती-जुलती फर्जी साइड भी रहती है। जैसे ही आपने इसे खोला तो आपका मोबाइल हैक किया जा सकात है। इससे चंद मिनटों में आपके द्वारा कमाई जीवन भर की पूंजी बैंक से निकल सकती है। इसलिए जरुरी है कि स्व-जनगणना में सावधानी बरतें और अनजान लिंक को ना खोले और ओटीपी देने से पहले ठीक से जांच कर लें।

लिंक में छुपा होता है वायरस

लोग जब स्व-गणना के लिए ऑनलाइन सर्च करते हैं तो कई बार उन्हें फर्जी वेबसाइट या लिंक मिल जाते हैं। यदि बिना जांय किए इन पर क्लिक किया जाए तो यह सीधे ठगी का कारण बन सकता है। कई मामलों में देखा गया है कि व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए लिंक में वायरस होता है. जो मोबाइल का पूरा एक्सेस साइबर अपराधियों को दे देता है। अक्सर अनजान नंबर से या परिचित के माध्यम से भी लिंक आ जाते है।

ठग हमेशा ट्रेंड पर रखते हैं नजर

साइबर एक्सपर्ट प्रवीण आर्य ने बताया कि ठग हमेशा बदलते ट्रेंड पर नजर रखते हैं। वर्तमान में स्व-गणना प्रक्रिया चल रही है. इसलिए इसे आधार बनाकर लोगों को फंसाया जा सकता है। लोगों से अपील है कि केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और यह जरूर जांच लें कि वेबसाइट का अंत gov.in से हो रहा है या नहीं।
बदलते रहे हैं ठगी के तरीके

साइबर अपराधी लगातार नए-नए पैटर्न अपनाते रहे हैं। इससे पहले पेंशन केवाईसी, आधार कार्ड अपडेट, बैंक केवाईसी. किसान लोन और शादी के निमंत्रण कार्ड जैसे बहानों से लोगों को ठगा जा चुका है। इन सभी मामलों में लोगों को लिंक भेजकर जानकारी हासिल की गई और खातों से रकम निकाल ली गई। अब स्व-जनगणना नया जरिया बनाया जा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से बचें।

ठगी हो तो यहां करें शिकायत

नेशनल सायबर क्राइम पेट्रोल, हेल्पलाइन नंबर 1930 पर, नजदीकी पुलिस थाना और सायबर सेल में शिकायत करे। साथ ही बैंक में तत्काल सूचित करे। घटना होने के आधे घंटे के अंदर शिकायत करने पर गई हुई राशि वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।

एसपी ने दी नसीहत, नहीं दें किसी को ओटीपी

साइबर अपराची ट्रेंड को फॉलो कर वारदात करते हैं। लोगों से अपील है कि किसी भी अनजान लिंक को ओपन नहीं करे। कोई फोन करके जानकारी मांगने के साथ ओटीपी मांगता है तो उसे नहीं दे, जागरूक बने रहे।- मनोज कुमार राय, पुलिस अधीक्षक, खंडवा (MP News)