स्कूल शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लग गई है। इससे पंद्रह दिन से पढ़ाई की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हालांकि तीस अप्रेल के बाद स्कूलों में छुट्टी हो जाएगी। 15 अप्रेल से ही स्कूलों के 35-40 फीसदी स्कूलों की ड्यूटी लगा दी गई है।
स्कूल शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लग गई है। इससे पंद्रह दिन से पढ़ाई की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हालांकि तीस अप्रेल के बाद स्कूलों में छुट्टी हो जाएगी। 15 अप्रेल से ही स्कूलों के 35-40 फीसदी स्कूलों की ड्यूटी लगा दी गई है।
बीते शैक्षणिक सत्र-1025-26 में एसआइआर और अब नए शैक्षणिक सत्र -2026-27 में जनगणना के कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इससे स्कूलों में अघोषित छुट्टी जैसा माहौल हो गया है। जिले में डेढ़ हजार से अधिक शिक्षक जनगणना के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो गई है। शैक्षणिक कार्य के साथ ही कागजी प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
चालू माह में पंद्रह दिन की पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। शिक्षकों का कहना है कि 30 अप्रेल के बाद स्कूलों में छुट्टी हो जाएगी। मुख्य गणना कार्य एक मई से शुरू होगा। प्रशिक्षण कार्य के दौरान स्कूलों को छोड़ शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण का कार्य सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलता है।
जनगणना में डेढ हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें अकेेले खंडवा विकास खंड में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर 200 से अधिक शिक्षक शामिल हैं। एमएलबी, नेहरू, घासपुरा, उर्दू परदेशीपुरा समेत अन्य स्कूलों में अधिकतर शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था चौपट हो गई है। कई स्कूलों के हेडमास्टर और प्रिंसिपलों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। इसी तरह पंधाना, हरसूद, खालवा, बलड़ी, छैगांव माखन, पुनासा क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है।
जिले में प्राथमिक, माध्यमिक से लेकर हाई स्कूल व हायर सेकंडरी के 1400 से अधिक स्कूल हैं। कई स्कूलों में दो से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों का दावा है कि अभी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है। सभी शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। मई में जनगणना कार्य चलेगा।
जनगणना के कार्य में दिव्यांग शिक्षक व बाबुओं की भी ड्यूटी लगा दी गई है। भीषण गर्मी में दिव्यांगों को फील्ड में कार्य करना मुश्किल होगा। आदेश के अनुसार एमएलबी संकुल में शिक्षक परमेश्वरी चावला और डाइट में बाबू संतोष पंचोरे की भी ड्यूटी लगी है। इसी तरह कई अन्य अक्षम कर्मचारियों का ड्यूटी आदेश जारी कर दिया गया। आदेश लेकर भटक रहे हैं।
स्कूलों में अध्यापन, बच्चों को पुस्तक वितरण, मैपिंग, यूडीआईडी, छात्रवृत्ति, ड्रॉप बाक्स आदि कार्य प्रभावित हैं।
स्कूलों में शैक्षणिक समेत अन्य कार्य प्रभावित नहीं है। सभी शिक्षकों की ड्यूटी एक साथ नहीं लगी है। तीन चरणों में प्रशिक्षण का कार्य चल रहा है। स्कूलों में जो शिक्षक हैं उनके द्वारा कार्य कराने की व्यवस्था बनाई गई है।