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जल संकट की आहट… रसातल में जा रहा भूजल, जिले में प्रमुख 44 जल स्रोतों का कम हुआ स्तर

-मई, जून में हो सकती है ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से परेशानी -नलकूप खनन पर रोक के बाद भी, कई क्षेत्रों में चोरी छुपे चल रही बोरिंग मशीनें

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खंडवा

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Manish Arora

Apr 24, 2026

water crisis

फोटो एआई।

गर्मी के बढ़ते ही जिले के जल स्रोत भी सूखने लगे है। जिले के प्रमुख जलाशयों में 44 का जल स्तर निम्न से भी नीचे पहुंच गया है। इन जल स्रोतों से सिंचाई के लिए पानी भी देना बंद कर दिया गया है। सूखते जल स्रोतों का असर भूजल स्तर पर भी पड़ा है। जिसके चलते आगामी माह में पेयजल संकट, पशुओं के लिए पीने के पानी का संकट खड़ा हो सकता है। जल संसाधन विभाग का कहना है कि पिछले साल मानसून में कम बारिश के चलते यह स्थिति बनी है।

जिले में इंदिरा सागर जलाशय और ओंकारेश्वर बांध के जलाशय के अलावा 49 छोटे-बड़े तालाब है। इंदिरा सागर बांध के बैकवॉटर से चारखेड़ा में बने इंटकवेल से खंडवा-हरसूद को पेयजल सप्लाय किया जाता है। वर्तमान में इंदिरा सागर बांध अपने कुल जलभराव क्षमता से करीब 10 मीटर नीचे है। हालांकि चारखेड़ा में बैक वॉटर का पर्याप्त पानी होने से शहर में जल संकट की स्थिति फिलहाल नहीं बन रही है। शहर को जल सप्लाय का दूसरा प्रमुख स्रोत भगवंत सागर बांध है, जिसकी स्थिति भी ठीक नहीं है। भगवंत सागर की कुल जल भराव क्षमता 1347 फीट है, वर्तमान में यहां 1323 फीट पानी बचा है। जिसके चलते जल संसाधन विभाग ने पंधाना और खंडवा में जल सप्लाय के लिए यहां से सिंचाई के लिए पानी बंद कर दिया है।

छोटे तालाबों की स्थिति खराब
जिले में कुल 49 में से 46 छोटे तालाब है। दो मध्यम तालाब भाम परियोजना और आवलियां परियोजना में निम्न स्तर से ऊपर जल स्तर बना हुआ है, लेकिन ये दोनों तालाब भी 50 प्रतिशत से अधिक खाली है। इसके अलावा छोटे 46 तालाबों में से 44 का जल स्तर निम्न से भी नीचे पहुंच गया है, जो कि लगभग खाली हो चुके है। इन जल स्रोतों से पशुओं को पीने का पानी मिलने के साथ सिंचाई के लिए भी पानी दिया जाता है। इन जल स्रोतों के खाली होने से अन्य जल स्रोतों कुओं, हैंडपंपों का भूजल स्तर भी कम हो गया है।

बोरिंग पर लगा प्रतिबंध
जिले को जल अभाव क्षेत्र घोषित करते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा मार्च से ही बोरिंग करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिले में अति आवश्यकता होने पर सरकारी नलकूप के अलावा निजी नलकूप खनन के लिए विशेष अनुमति दी जाती है। इसके बावजूद भी जिले में बोरिंग खनन का काम चोरी छुपे धड़ल्ले से चल रहा है। अन्य जिलों से आकर बोरिंग मशीन वाले खनन कर रहे है। अब तक बोरिंग खनन को लेकर एक भी कार्रवाई प्रशासन की ओर से नहीं हुई है।

जलाशयों की स्थिति

ओंकारेश्वर बांध
जल भराव क्षमता 196.60 मीटर
वर्तमान जल भराव 196.18 मीटर
इंदिरा सागर बांध
जल भराव क्षमता 262.13 मीटर
वर्तमान जल भराव 252.89 मीटर
नागचून जलाशय
कुल जलभराव क्षमता 1105 फीट
वर्तमान जल भराव 1090 फीट
भगवंत सागर बांध
जलभराव क्षमता 1347 फीट
वर्तमान स्थिति 1323 फीट
आवलियां और भाम
कुल जल भराव क्षमता 54.69 एमसीएम
वर्तमान स्थिति 27 एमसीएम
46 छोटे तालाब
कुल जल भराव क्षमता 40.82 एमसीएम
क्षमता का कुल 25 प्रतिशत पानी

बारिश के बाद देंगे सिंचाई के लिए पानी
कम बारिश के चलते इस बार जल स्रोतों का जलस्तर कम हुआ है। बारिश के बाद जल भराव होने के बाद इन स्रोतों से सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। भगवंत सागर से पीने के लिए पानी रिर्जव किया गया है।
मनमीत मंडराई, ईई जल संसाधन विभाग