
खंडवा : जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय
जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय में थोक बंद स्थानांतरण समेत छह बिंदुओं की जांच पूरी हो गई है। जिला प्रशासन ने प्रस्तावित कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जांच के दौरान मार्च माह में जिला प्रशासन के बगैर अनुमति स्थानांतरण और संलग्नीकरण के सभी 55 आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। बस्ती विकास की राशि होल्ड कर दी गई है। छात्रावासों के निर्माण कार्य और सामग्री खरीदी की शिकायत झूठ निकली है।
कलेक्टर ने बगैर अनुमति के 55 आदेश निरस्त किए
जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट मध्य प्रदेश शासन को भेज दिया है। जिसमें जनजातीय कार्य विभाग में तत्कालीन सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला के द्वारा मार्च में किए गए थोक बंद स्थानांतरण के आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। इसके मुख्य सूत्रधार रहे अधीक्षक हेमंत सिन्हा के निलंबन के बाद अधीक्षक बलराम रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रभारी मंत्री के बिना अनुमति राशि रिलीज, होल्ड
बस्ती विकास में बगैर प्रभारी मंत्री का अनुमोदन नहीं लिया गया। राशि जनपद पंचायतों के खाते में भेजी गई थी। जिसे होल्ड कर दिया गया है। आठ कर्मचारियों के स्थाई किए जाने के मामले में भी आदेश को कलेक्टर ने खारिज किए जाने की कार्रवाई चल रही है।
छात्रावासों में निर्माण कार्य सही मिले
छात्रावासों में खरीदी और निर्माण कार्य में 16 इंजीनियर्स के सत्यापन में मौके पर कार्यों में अनियमितता नहीं मिली है। इन दोनों कार्यों में शिकायत सिद्ध नहीं हुई। निर्माण कार्य एमबी के अनुरूप मिले हैं। क्लास वन के खिलाफ कार्रवाई का पावर जिला प्रशासन के पास नहीं है। इस लिए जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिला प्रशासन ने जांच प्रतिवेदन 11 अप्रेल को ही शासन को भेज दिया है।
ऐसे समझें एक नजर में कार्रवाई की रिपोर्ट
शिकायत कार्रवाई
स्थानांरतण-संलग्नीकरण--------सभी आदेश निरस्त
सामग्री खरीदी में अनियमितता--दोष सिद्ध नहीं हुआ
स्थाई को नियमित कर्मचारी------खारिज की कार्रवाई प्रचलन में
मरम्मत कार्य में अधिक भुगतान-एमबी के अनुसार मिला, शिकायत झूठी
बस्ती विकास कार्य-----------------जपं के खाते में राशि होल्ड पर
अंतरजातीय विवाह-----------------नियम में भुगतान होना मिला
इन्होंने की जांच
अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सहायक अयुक्त बजरंग बहादुर सिंह, जिला कोषालय अधिकारी आरएस गवली ने जांच की।
इनका कहना : ऋषव गुप्ता, कलेक्टर
इनका कहना : ऋषव गुप्ता, कलेक्टर
मरम्मत कार्य एवं सामग्री खरीदी की शिकायत झूठ मिली है। आरोप सिद्ध नहीं हुआ। स्थानांतरण और संलग्नीकरण के आदेश बगैर अनुमति हुए थे। सभी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। स्थाई कर्मचारियों के आदेशों को खारिज किए जाने की कार्रवाई प्रचलन में है। कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इनका कहना : युवराज सिंह गुजर
खंडवा में पांच साल से निर्माण के कोई कार्य नहीं हुए। आठ माह पहले चार्ज मिलने पर नए कार्य शुरू किए गए हैं। कई छात्रावास जर्जर हो गए थे। रिन्युअल के बाद पचास साल तक उनकी उम्र और बढ़ गई।
Published on:
24 Apr 2026 12:25 pm
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