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किस्तों में रिश्वतखोरी, लोकायुक्त ने महिला बाल विकास की पर्यवेक्षक को 4000 रुपये लेते पकड़ा

MP News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के एवज में पर्यवेक्षक ने मांगी थी 50 हजार रुपये रिश्वत, 3 किस्तों में पहले ले चुकी थी 14 हजार रुपये।

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KHANDWA

lokayukta catches Women and Child Development supervisor taking bribe installments

MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के खंडवा जिले का है जहां महिला बाल विकास की पर्यवेक्षक (Women and Child Development supervisor) को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मांगी 50 हजार रिश्वत

खंडवा जिले के पलासपुर गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ किरण वाड़िबा ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में महिला बाल विकास विभाग खालवा सेक्टर में पदस्थ पर्यवेक्षक संतोष कोचले के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदिका किरण ने बताया कि उसकी नियुक्ति के एवज में पर्यवेक्षक संतोष कोचले ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। रिश्वत की राशि किस्तों में देना तय हुआ और वो अब तक तीन किस्तों में 14 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर रिश्वतखोर पर्यवेक्षक संतोष कोचले को दे चुकी है।

लोकायुक्त ने 4 हजार रुपये लेते पकड़ा

लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने के बाद शुक्रवार को रिश्वत की चौथी किस्त के रूप में 4 हजार रुपये देने के लिए आवेदिका किरण वाड़िबा को पर्यवेक्षक संतोष कोचले के पास भेजा। संतोष कोचले ने आवेदिका को पैसे देने के लिए ग्राम पंचायत रोशनी में बुलाया। जब आवेदिका पैसे देने पहुंची तो पर्यवेक्षक संतोष कोचले ने अपने हाथों से रिश्वत न लेते हुए पर्स में आवेदिका से ही पैसे रखवाए। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोर पर्यवेक्षक संतोष कोचले को पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम ने आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की है।

इंदौर में 2.5 लाख रुपये रिश्वत लेते PWD के तीन अफसर पकड़ाए

बता दें कि तीन दिन पहले इंदौर लोकायुक्त ने इंदौर में बड़ी कार्रवाई करते हुए PWD के तीन अफसरों को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। धार जिले के रहने वाले ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी कि वो पटेल श्री इंटरप्राईजेस धार के संचालक हैं और शासकीय ठेकेदार हैं। उनकी फर्म ने वर्ष 2023 में पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर मैथवाडा-फारेलेन पहुंच मार्ग का कार्य 4 करोड़ 73 लाख 35 हजार रुपये में लिया था। फर्म द्वारा उक्त कार्य 4, 51 ,72,101/-86 में पूर्ण किया था और किये गये कार्य के अंतिम बिल का भुगतान करने के एवज में पीडब्ल्यूडी के तीन अफसर 1. जयदेव गौतम, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक-1 इंदौर, 2. टीके जैन, अनुविभागीय अधिकारी, पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक-1 इंदौर, 3. अशु दुबे, उपयंत्री, पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक-1 इंदौर ने कुल मिलाकर 3 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। जिस पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने तीनों को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।