
खंडवा : पशुओं की चर्बी पिघलाने वाली अवैध फैक्ट्री में छापामार कार्रवाई।
खंडवा में निगम के ट्रेड लाइसेंस के नाम पर तेल कंपनी का बोर्ड लगाकर पशुओं की चर्बी बनाने की फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी।प्रशासन की छापामार कार्रवाई में कनस्तर में 1380 लीटर चर्बी, 9 ड्रम में 2700 लीटर केमिकल समेत कई क्विंटल पशुओं का अपशिष्ट बरामद किया गया है।
इमलीपुरा में पशुओं की चर्बी पिघलाने और मांस के कारोबार की अवैध फैक्ट्री पकड़ी है। ये फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी। शुक्रवार को अफसरों की छापामार कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में पशुओं की चर्बी बरामद की गई है। जिसमें पशुओं की खाल व हड्डियां, सींग और अन्य अपशिष्ट जब्त किया है।
इसमें 1380 लीटर चर्बी, 2700 लीटर अज्ञात केमिकल समेत छोटे-छोटे 7 ट्रक पशुओं के अपशिष्ट जब्त किया है। कार्रवाई सुबह 7.50 से दोपहर एक बजे तक चली। इसकी सूचना से इमलीपुरा में अफरा-तफरी रही। जिला प्रशासन को बेगम पार्क के सामने अवैध फैक्ट्री की शिकायत मिली थी।
सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह और निगम उपायुक्त एसआर सिटोले मौके पर पहुंचे। पुष्टि होने पर पुलिस बल बुला लिया। इस दौरान ट्रेड लाइसेंसी अनवर कुरैशी ने अपने वकील के जरिए दस्तावेज दिखाते हुए लाइसेंस रिन्युअल कराने की मोहलत मांगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा इसकी अवधि 31 मार्च -23 को ही खत्म हो चुकी है। पुलिस बल के साथ गोदाम के भीतर घुसे तो चर्बी पिघलाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ।
मोहल्ले में ही दो अलग-अलग घरों में 600 से अधिक जानवरों की खाल, 200 बोरी से अधिक सॉल्ट के साथ करीब 7 मिनी ट्रक सामग्री जब्त की गई है। यहां चर्बी बनाने की भट्टी, बर्तन भी मिले हैं।
पशु चिकित्सकों की 3 सदस्यीय टीम ने 4 प्रकार का 8 सैंपल लिया है। जिसमें स्किन, फैट, क्षतिग्रस्त कार्टिलेज ( हड्डियों के सिरे के ऊपरी मांस ढकने वाली झिल्ली ) अवशेषों के साथ ही ड्रम में भरे अज्ञात केमिकल के 2-2 नमूने लिए। डॉ. कड़वा चौहान ने बताया कि नमूनों की जांच फोरेंसिक लैब मथुरा ( यूपी ) भेजा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।
3 ट्राली सींग, हड्डियां एवं पशुओं की खाल
69 कनस्तरों (20 किग्रा ) में भरा पशु चर्बी
09 नीले ड्रम । ( 300 किलोग्राम क्षमता )
600 जानवरों की खाल ( चमड़ा )
35 बोरे सींग - 06 बोरे पशु आहार नली
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निगम ने स्लाटरहाउस से पशुओं का अपशिष्ट क्रय-विक्रय का लाइसेंस शेख अनवर को दिया है। जो वर्ष 2023 में ही समाप्त हो चुका है। बावजूद इसके अवैध रूप से पशु अपशिष्ट गोदाम रखने की बजाय पशुओं की ट्रेड लाइसेंस के नाम पर प्रोसेसिंग कर रहा था। आवासीय क्षेत्र में तीन साल से अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी। जिम्मेदार लापरवाह बने रहे।
निगम उपायुक्त ने मोघट थाने में आवेदन दिया है। जिसमें कार्रवाई का जिक्र करते हुए संचालक फर्म शेष अनवर पर पशु परिक्षरण अधिनियम उल्लंघन और पशुओं की चर्बी पिघलाने और मांस का अवैध कारोबार किया जा रहा। उपायुक्त ने इसके लिए जोन प्रभारी भुवन श्रीमाली को नियुक्त किया है। आवेदन के अनुसार परदेशीपुरा निवासी शेख अनवर पिता शेष बिस्मिल कुरैशी के नाम पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी अनवर और उसके अन्य साथियों से देररात तक पूछताछ करती रही। सुबह जेल भेज दिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने चर्बी के नमूने लेने मौके पर खाद्य अधिकारी राधेश्याम गोले को बुलाया। खाद्य अधिकारी ने मौके पर वीडियो फोटो ली। खाद्य औषधि अधिकारी गोले ने अधिकारियों से कहा कि चर्बी खाद्य पदार्थ में नहीं आती है। इस लिए यहां मेरा कोई काम नहीं है। जनगणना का प्रशिक्षण लेने के नाम पर खिसक लिए।
फैक्ट्री में जब्त पशु अपशिष्ट को निगम ने ट्रेचिंग ग्राउंड पर दफना दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जब्त की कार्रवाई के बाद निगम ने ट्रेनिंग ग्राउंड पर चर्बी समेत अन्य पशु अपशिष्ट को दफनाने की कार्रवाई की है।
कार्रवाई के दौरान कलेक्टर, एसपी और निगम आयुक्त जैसे बड़े अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। इन अधिकारियों के फोन कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के पास घनघनाते रहे। दिशा-निर्देश दिए। लेकिन मौके नहीं पहुंचने को लेकर चर्चा रही।
Published on:
25 Apr 2026 11:45 am
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