
खंडवा. शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह, जहां अपचारी बालकों की निगरानी और इनकी सुरक्षा के लिए दो गार्ड सरकारी तौर पर रखे गए हैं। बावजूद इसके यहां से नौ महीने में तीन बार बालक भाग चुके हैं। कुछ दिनों पहले ही भागा बालक अब तक वापस नहीं लौटा है। गौर करने वाली बात तो यह है कि इस संप्रेक्षण गृह से भागने के लिए हर बार एक ही रास्ते का उपयोग किया गया है। सब कुछ जानने और देखने के बाद भी इस जगह पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हो सके।
आराम फरमाते हैं गार्ड
कोतवाली थाना अंतर्गत रतागढ़ हरसूद रोड स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 9 व 10 मई की रात करीब 1 बजे एक बालक सीढ़ी लगाकर भाग गया। यह घटनाक्रम यहां लगे सीसीटीवी में भी कैद हुआ है। यही बालक पहले भी 20 फरवरी को भाग चुका था। इन दो घटनाओं के पहले सितंबर 2021 में भी एक इसी तरह की घटना हो चुकी है।
हकीकत बयां करती दीवार
पहली बार बाल अपचारियों ने शौचालय का दरवाजा बंद कर दीवार में छेद कर दिया था। इसके बाद सीढ़ी लगाकर दूसरी ओर कूदकर भाग निकले थे। इस बार सीढ़ी लगाकर जाली हटाते हुए बालक भाग निकला। इसके पहले सितंबर माह में दो बाल अपचारी दीवार फांदकर फरार हो गए थे। पत्रिका ने जब बाल संप्रेक्षण गृह पर गौर किया तो यहां की दीवार हकीकत बयां करने लगी।
बाउण्ड्री से हटाए सुरक्षा के कांच
बाल संप्रेक्षण गृह के चारों ओर बनी बाउण्ड्री पर कांच लगाए गए हैं। यह कांच इसलिए भी लगाते हैं कि कोई आसानी से दीवार को पार नहीं कर सके। लेकिन यहां बाउण्ड्री के कुछ खास हिस्सों से कांच तोड़ दिए गए हैं, ताकि पार करने में आसानी हो। इतना ही नहीं बाहरी दीवार पर बाहर की ओर आसानी से चढ़ने उतरने के लिए दीवारों को खेद दिया गया है। इस ओर सुरक्षा के जिम्मेदारों ने शायद कभी निगाह नहीं की है।
जांच के लिए बनी है समिति
बाल अपचारी के भागने की खबर मिलने के बाद 11 मई को किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा- 54 के तहत गठित जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान संस्था में निवासरत बालकों की जानकारी ली गई। साथ ही सुरक्षा इंतजामों के लिए निर्देश दिए गए थे। लगतार हुई घटनाओं के बाद इस तरह की जांच और निर्देश भी लगातार दिए जाते रहे हैं, लेकिन ठोस उपाय करना संभव नहीं हो सका।
वर्जन...
बाल अपचारी अभी नहीं लौटा है। सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। मैं अवकाश पर पंजाब गया था इसलिए ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।
- हरजिंदर सिंह अरोरा, प्रभारी, शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह, खंडवा