
संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित गिरफ्तारी के विरोध में शहर कांग्रेस ने मंगलवार रात कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। पीसीसी के निर्देश पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण उत्तमपाल सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी रात 8.45 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देकर केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इस दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाने पर विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन रात करीब 10 बजे तक चला। यहां नायब तहसीलदार भी पहुंची, लेकिन कांग्रेसियों ने ज्ञापन देने से मना कर दिया और धरना प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान कांग्रेस नेता डॉ. मुनीश मिश्रा, अवधेश सिसोदिया, रियाज हुसैन, कुंदन मालवीया, इकबाल पहलवान, अर्ष पाठक सहित अन्य कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को एस एन कॉलेज के पास कांग्रेस एवं एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की निंदा की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल एक्सपेरिमेंट लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। छात्रा पूजा शर्मा ने मीडिया से कहा कि हर किसी के जीवन और सोच में परिवर्तन की जरूरत है। उन्होंने मीडिया से जनता को सही बातें बताने का निवेदन किया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष चंदन राजपूत ने कहा कि छात्रों की बात आएगी, वहां वे सीना अड़ाकर खड़े होंगे। उन्होंने लाठीचार्ज को बर्बरतापूर्ण बताया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।