
एक सप्ताह में मानसून का आगमन जिले में हो जाएगा। मानसून पूर्व जिले में जर्जर सडक़ों की उचित मरम्मत भी संबंधित विभाग नहीं करा पाए, इसका नतीजा जर्जर और अधूरे निर्माण वाले रोड बारिश में परेशानी का कारण बनेंगे। सबसे ज्यादा परेशानी निर्माणाधीन खंडवा-पंधाना मार्ग और जर्जर हाल में खंडवा-मूंदी रोड पर होगी। वहीं ग्रामीण सड़कों के साथ ही शहर में कई मार्ग खस्ताहाल है, जहां से गुजरना भी परेशानी भरा होगा।
खंडवा विस को दो विधानसभाओं को जोडऩे वाले पंधाना-खंडवा और मूंदी-खंडवा मार्ग की हालत किसी से छुपी नहीं है। पंधाना मार्ग का काम तो चल रहा है, लेकिन बहुत ही धीमी गति से। यहां ठेकेदार ने रोड पर गिट्टी डालकर ऊपर से मुरूम बिछा दी है। जिसके कारण इस रोड से निकलने पर धूल के गुबार उठ रहे है। बारिश में ये रोड और भी परेशानी वाला बन जाएगा। मुरूम के ऊपर डली मिट्टी के कारण वाहनों के फिसलने की संभावना बनी रहेगी, जिससे दुर्घटनाओं का भी अंदेशा रहेगा।
वहीं, मूंदी-खंडवा रोड तो वैसे ही चलने लायक नहीं बचा है। बारिश में ये रोड और भी खतरनाक हो जाएगा। यहां एमपीआरडीसी ने 70 लाख का पैचवर्क करना बताया, लेकिन रोड जस का तस है। बारिश में गड्ढे जल संरचनाएं बन जाएंगे और दुर्घटनाओं को न्यौता देंगे। यहां पहले ही गड्ढों के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है।
इरान-इजराइल युद्ध के चलते देशभर में बिटुमिन (डामर), डीजल की कमी पहले से ही बनी हुई है। जिसके कारण सड़कों का काम भी प्रभावित हो रहा है। अब सरकार ने बल्क में डीजल विक्रय पर भी रोक लगा दी है, जिससे कई सड़कों का काम अटकने लगा है या धीमा पड़ गया है। पीडब्ल्यूडी के अनुसार खंडवा-पंधाना मार्ग पर पांच किमी तक डामर की लेयर हो जानी थी, लेकिन दो माह से डामर क्राइसिस के कारण नहीं हो पाई है। कई सड़कों का पैचवर्क भी अटक गया है।
खंडवा में एनएचएआइ द्वारा इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बलवाड़ा से धनगांव के बीच, बोरगांव से शाहपुर के बीच और देशगांव-रूधि बायपास का निर्माण कराया जा रहा है। डामर और डीजल की कमी के कारण इन सभी कामों की गति धीमी हो गई है और समय सीमा (डेड लाइन) से आगे बढ़ गए है। एनएचएआइ अधिकारी के अनुसार बोरगांव-शाहपुर हाईवे का काम अगस्त तक पूरा होना था, जो अब अक्टूबर-नवंबर तक ही हो पाएगा। वहीं, रूधि-देशगांव बायपास दिसंबर तक पूरा होना था, जिसका काम मार्च 2027 तक पूरा होगा।
शहर में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम की सड़कों का हाल भी बुरा है। तीन पुलिया से आनंद नगर की ओर रोड बारिश में बाधा बनेगा। तीन पुलिया से इमलीपुरा, शिवाजी चौक, मेडिकल चौराहा होते हुए इंदौर नाका तक के मार्ग का हाल भी बुरा है। जगह-जगह गड्ढे हो गए है। आनंद नगर रोड, माता चौक से रामनगर तक रोड पर भी जगह-जगह गड्ढे हो गए है। नगर निगम की कॉलोनियों में बनी सडक़ें भी जर्जर हो रही है।
डामर और डीजल की कमी के कारण हाईवे के सभी काम प्रभावित हो रहे है। सभी कामों की समय सीमा थोड़ी-थोड़ी आगे बढ़ाई गई है। डामर और डीजल की उपलब्धता पर काम में तेजी आएगी।
आशुतोष सोनी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआइ
पूरे देश में डामर और डीजल का संकट बना हुआ है। डामर और डीजल के बिना काम को गति देना संभव नहीं है। हमारे हाथ में कुछ नहीं है। शहर की सड़कों पर ठेकेदार से कहकर पैचवर्क कराया जा रहा है।
नरेंद्रसिंह मंडलोई, ईई पीडब्ल्यूडी