
खंडवा. ईद-उल-फित्र पर्व 25 मई सोमवार को मनाया जाएगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन का पालन करते हुए मुस्लिम समुदाय अपने-अपने घरों में ईद की चाश्त की नमाज घर में ही अदा की। मस्जिदों में केवल चार से पांच नमाजी ही नमाज अदा की।
रविवार शाम 7.01 बजे रोजेदारों ने 30 वां रोजा इफ्तार किया। मगरीब की नमाज के बाद समाजजन अपने-अपने घरों की छत या दरवाजें के बाहर आकर चांद का दीदार किया। चांद के दीदार होते ही सभी ने दुआएं मांगी। सोमवार को नमाज पढ़ वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को समाप्त और देश की सलामती के लिए अमन-चैन की सभी ने दुआएं मांगी। फिर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। नाते-रिश्तेदारों को वीडियो कॉल या ऑडियो कॉल कर ईद की मुबारकबाद दी। शहर काजी ने शनिवार को चांद न दिखने पर 25 मई को ईद-उल-फित्र मनाने का एलान किया था। रविवार शाम को मगरीब की नमाज के बाद सभी मस्जिदों से ईद पर्व का एलान किया गया। शहर काजी ने सभी को ईद की मुबारकबाद दी।
ईदगाह पर नहीं हुई ईद की मुख्य नमाज
हर वर्ष ईद की मुख्य नमाज ईदगाह पर होती रही। लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से पूरा विश्व लड़ रहा है। देश में लॉकडाउन जारी होने से शहर काजी खंडवा, सुन्नी उलेमा व आइम्मा काउंसिल व जिला प्रशासन ने ईद की नमाज घर पर ही अदा करने की अपील की है। लॉकडाउन होने से सोमवार को ईदगाह पर नमाज नहीं हुई। जिस वजह से करीब 300 साल बाद ईदगाह पर ईद की नमाज की नहीं हो पाई।