
आमाखुजरी बीट के कक्ष क्रमांक 748 एवं 749 में अतिक्रमणकारी रविवार सुबह से ही बोवनी करने पहुंचे थे। बड़ी संख्या में लोग जंगल में एक साथ मौजूद रहकर वनकर्मियों पर नजर रख रहे थे। इस बीच गश्त कर रहे करीब 40 वनकर्मी दोपहर में अतिक्रमण कारियों को रोकने पहुंचे। वनकर्मी हल को रोककर जब्त करने का प्रयास कर रहे थे तभी उन पर हमला हो गया। इस दौरान उनकी अतिक्रमण कारियों से झड़प हो गई। महिलाओं को आगे कर अतिक्रमण कारियों ने लट्ठ बरसाए। महिलाओं ने भी वर्दी फाड़ दी। वनकर्मियों पर गोफन और पत्थर से हमला कर दिया। इससे वनकर्मी अपनी जान बचाते हुए नजर आए। इस बीच अतिक्रमण कारी हल और बैल दोनों वहां से लेकर चले गए।
पत्थर और लट्ठ की मार से वनकर्मी ज्वाला सिंह, प्रदीप सिंह बघेल, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह, चंद्रपाल तोमर, राहुल लोधी और राजेंद्र बागड़ी की घायल गए। जिसमें पांच लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके साथ ही सात से अधिक कर्मचारियों को भी मामूली चोट आई है। इनका मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया।
महिलाओं को आगे करके किया हमला
घायल रोमांक नायक ने बताया कि आमाखुजरी में अतिक्रमण कारियों को बोनी करने से रोकने गए थे। इस दौरान अतिक्रमण कारियों ने हमला कर दिया। महिलाओं को आगे करके लट्ठ से हमला कर दिया। इसके बाद पत्थर भी बरसाए हैं। पत्थर लगने से ओर भी साथी घायल हुए हैं। घटना की जानकारी लगने पर डीएफओ राकेश कुमार डामोर जिला अस्पताल पहुंचे। घायल वनकर्मियों से मिलकर घटना की जानकारी ली।
सोशल मीडिया के माध्यम से दी थी धमकी
अतिक्रमण कारियों ने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी। जिसमें वन विभाग को चेता दिया था कि 28 जून को वे जंगल में बोवनी करेंगे, इधर मत आना। लेकिन इस चेतावनी को अनदेखा कर देने से वनकर्मियों की जान पर बन आई। हालांकि इस बार विभाग भी अतिक्रमण हटाने को लेकर सुस्त रहा, जिसके चलते लोग वनकर्मियों पर हावी हो गए। गर्मी के मौसम में होने वाली कार्रवाई तीन बार टाल दी। जिससे उन्हें अतिक्रमण करने का समय मिल गया
अतिक्रमणकारी भी हुए घायल
अतिक्रमण कारियों ने वन कर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। जिला अस्पताल में कृष्णा पिता मेहकाल, रमेश पिता खेमला, सुनील पिता रमेश और रेखा बाई पति प्रकाश सभी निवासी आमाखुजरी को भर्ती किया गया। सभी को मामूली चोट आई है।
- इस मामले में नामजद 9 लोगों पर पिपलौदथाने में शिकायत कर प्रकरण दर्ज करवाया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जल्द की जाएगी। जंगल में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। - राकेश कुमार डामोर, डीएफओ।