
नगरीय क्षेत्र में शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण जारी है। प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है। शहर के कोरगला रोड पर फरवरी-2026 में बेदखली की कार्रवाई का नोटिस दिया है। तब से अब तक हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है।
शहरी क्षेत्र और उसके आस-पास की सीमा में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण जारी है। प्रशासन नोटिस देकर कार्रवाई करना भूल गया है। नतीजा यह हुआ कि शहर में कोरगला रोड पर अतिक्रमण 16 से बढ़कर दो गुना हो गए। करीब आठ माह में 35 घरों की बस्ती बस गई। खाली जमीन पर मोटर गैराज भी लगातार बढ़ रहे हैं। सड़क से नदी आबना नदी के किनारे तक पक्के निर्माण और टीन शेड नजर आने लगे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
शहर के पंधाना रोड पर छोटी और बड़ी आबना नदी के बीच कोरगला रोड स्थित है। यहां कई बड़े गोदाम हैं। इनके आस-पास शासकीय जमीन पर कब्जे किए जा रहे हैं। सड़क से लेकर नदी किनारे तक अतिक्रमण फैल चुका है। फरवरी 2026 में सिटी मजिस्ट्रेट और तत्कालीन नगर निगम उपायुक्त ने पंधाना रोड और कोरगला रोड का निरीक्षण किया था। इस दौरान मोटर गैराज सहित 16 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर एक माह में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। अब अतिक्रमण की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है।
कोरगला रोड पर दो करोड़ रुपए से अधिक कीमत की शासकीय जमीन पर धीरे-धीरे कब्जे बढ़ रहे हैं। मामला कलेक्टर, एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट तक पहुंचने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए गए। नोटिस जारी होने के बाद भी कब्जे बढ़ने लगा है। समय रहते कार्रवाई होती तो अतिक्रमण के विस्तार को रोका जा सकता था। अब सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रशासन को नए सिरे से कार्रवाई करनी होगी।
बेदखली की कागजी पूरी, जल्द हटाएंगे
बजरंग बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट...नोटिस का रिव्यू करेंगे। दोबारा सूचना पत्र जारी कर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रियंका सिंह राजावत, आयुक्त, नगर निगम...30 अक्टूबर तक स्वयं हटाने के लिए बोला है। अन्यथा कार्यवाही करेंगे।