
मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में मरीजों की आवाजाही के लिए लगाई गई दो लिफ्ट में से एक ही चालू है। ऐसे में सभी मरीजों का भार एक ही लिफ्ट पर आ गया है। मरीजों को लिफ्ट के लिए देर तक इंतजार करना पड़ता है। मंगलवार गंभीर हालत में एक युवती को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजनों को भी लिफ्ट की समस्या से जूझना पड़ा। युवती के मामा दीपक कनाड़े ने बताया कि भांजी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इमरजेंसी वार्ड में दिखाने के बाद डॉक्टर ने पांचवीं मंजिल पर फिमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती करने के लिए कहा। यहां ए ब्लॉक में लिफ्ट के पास पहुंचे तो यहां एक लिफ्ट बंद थी, एक ही चालू थी। उसके इंतजार में भी भीड़ लगी हुई थी। यह देख वह और उसके साथ आए परिवार के युवक ट्रॉली धकेलकर ऊपर तक ले गए। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे लापरवाही बताया।
मरीज की जान पर भी संकट
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार और जरूरी सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है। यदि मरीजों को मंजिल तक पहुंचाने के लिए भी इस तरह संघर्ष करना पड़ेगा तो आपात स्थिति में परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो किसी दिन किसी मरीज की जान पर भी संकट आ सकता है। ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
डॉक्टरों की लिफ्ट भी खराब, एक पर बढ़ा पूरा दबाव
ए ब्लॉक में डॉक्टर और स्टाफ की आवाजाही के लिए शुरू की गई लिफ्ट भी फिर से खराब हो गई है। इसके चलते डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी मरीजों के लिए निर्धारित लिफ्ट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पहले से ही एक लिफ्ट बंद होने के कारण दूसरी लिफ्ट पर मरीजों और उनके परिजनों का दबाव बना हुआ है। अब डॉक्टरों और स्टाफ की आवाजाही भी इसी लिफ्ट से होने के कारण भार और बढ़ गया है। लगातार अधिक उपयोग के चलते इसमें भी खराबी आने की समस्या सामने आने लगी है।
इनके निर्देशों का भी असर नहीं
विधायक कंचन मुकेश तनवे ने कुछ ही दिन पहले अस्पताल का निरीक्षण कर बंद लिफ्ट को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने डीन और अस्पताल प्रबंधन को भी फोन लगाकर लिफ्ट को शुरू करने के लिए कहा था। इसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता भी दो बार अस्पताल पहुंचे। दोनों ही बार लिफ्ट की समस्या को दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए थे, लेकिन न तो उनके निर्देशों का पालन हुआ है, न ही विधायक की बात सुनी गई है।
जिम्मेदारों की अनदेखी से मरीज परेशान
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि लिफ्ट की समस्या को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अवगत करा दिया है। लिफ्ट शुरू हो यह प्रयास किया जा रहा है। वहीं इस मामले में जब मेडिकल कॉलेज डीन संजय दादू से बात करने का प्रयास किया तो, उन्होंने फोन नहीं उठाया।
Updated on:
21 Oct 2026 01:05 pm
Published on:
21 Oct 2026 01:04 pm
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