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ई-खनिज : ई-चेकगेट, आरएफ टैग अनिवार्य…फिर भी सड़कों पर खनिज माफिया को खुली छूट

प्रदेश सरकार ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई ) आधारित मानव रहित ई-चेकगेट व्यवस्था लागू की है। इस नियम का पालन खंडवा और नर्मदापुरम के बीच नहीं हो रहा है। दरअसल, नर्मदापुरम जिले से खंडवा तक नियम ताक पर रखकर रेत का परिवहन किया जा रहा है। यही नहीं शहर में रेत का अवैध भंडारण भी जारी है।
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खंडवा

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Rajesh Patel

•

Oct 20, 2026

E-mineral

खंडवा : शहर में नर्मदापुरम जिले से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई ) आधारित मानव रहित ई-चेकगेट व्यवस्था लागू की है। इस नियम का पालन खंडवा और नर्मदापुरम के बीच नहीं हो रहा है। दरअसल, नर्मदापुरम जिले से खंडवा तक नियम ताक पर रखकर रेत का परिवहन किया जा रहा है। यही नहीं शहर में रेत का अवैध भंडारण भी जारी है।

मानव रहित ई-चेकगेट व्यवस्था लागू

प्रदेश सरकार ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई ) आधारित मानव रहित ई-चेकगेट व्यवस्था लागू की है। खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर आरएफ टैग अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद रेत परिवहन में नियमों की अनदेखी की जा रही है। शहर में रेत पहुंचने के साथ अवैध भंडारण की शिकायतें भी हैं। सूचना के बाद भी जिला टॉस्क कमेटी के सदस्य रेत परिवहन में नियमों को लेकर मौन हैं।

रेत परिवहन वाहनों में वाहन नंबर का डिस्पले नहीं

खंडवा में नर्मदापुरम से रेत का परिवहन करने वाले अधिकतर वाहनों में टैग तक नहीं है। यहां तक वाहनों में आगे पीछे नंबर तक नहीं है। हैरानी की बात तो यह कि खनिज अमले ने जिस वाहन को पकड़ा है उसमें भी आगे-पीछे वाहन नंबर नहीं है। ऐसे में नियमों की निगरानी और उसका पालन कराने वाली जिला टास्क कमेटी की भूमिका भी संदिग्ध है। रेत परिवहन के नियमों का खनन माफिया खुला उल्लंघन कर रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।

खनिज पोर्टल से वाहन का पंजीयन निरस्त का प्रावधान

राज्य शासन की नई व्यवस्था में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर आरएफ टैग लगाना अनिवार्य किया है। वाहन मालिकों को इसके लिए ई-चेकगेट पोर्टल पर पंजीयन कर टैग का ऑर्डर देना होगा। टैग की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी भी वाहन मालिक की होगी। टैग क्षतिग्रस्त होने पर परिवहन प्रतिबंधित करने और ई-खनिज पोर्टल से वाहन का पंजीयन निरस्त करने का प्रावधान है। वाहन मालिकों और परिवहनकर्ता को 12 अक्टूबर को ही आदेश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद जिले में खनिज परिवहन की निगरानी और नियमों के पालन नहीं किया जा रहा है।

टास्क कमेटी में ये अधिकारी शामिल

जिला टास्क कमेटी के अध्यक्ष कलेक्टर और सचिव जिला खनिज अधिकारी होते हैं। पुलिस अधीक्षक, अपर कलेक्टर, वन विभाग, आरटीओ, जल संसाधन विभाग, एसडीएम-तहसीलदार और खनन निगम के प्रतिनिधि भी सदस्य हैं। इतनी बड़ी व्यवस्था के बावजूद अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से निगरानी की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

आरएफ टैग नहीं तो परिवहन पर रोक

प्रदेश में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर आरएफ टैग अनिवार्य किया गया है। टैग क्षतिग्रस्त होने पर परिवहन प्रतिबंधित करने और ई-खनिज पोर्टल से वाहन का पंजीयन निरस्त करने का प्रावधान है। वाहन मालिकों को निर्धारित 25 दिन में टैग लगवाने की प्रक्रिया पूरी करनी है।

ऐसे बनवाएं आरएफ टैग

वाहन मालिक ई-चेकगेट पोर्टल ई-चेकगेट पोर्टल⁠ पर जाकर ‘ आर्डर टैग ’ विकल्प चुनें। वाहन की जानकारी दर्ज कर बिलिंग और टैग प्राप्त करने का स्थान चुनें। विवरण की पुष्टि के बाद ऑनलाइन भुगतान कर ऑर्डर पूरा करें। टैग की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी।

इनका कहना : ऋषव गुप्ता, कलेक्टर, खंडवा

इसकी जांच कराएंगे। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभागों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे।