20 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सन्नाटा… पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर दूसरे दिन भी बंद रही तीर्थनगरी

-फूल-प्रसाद को भी तरसे तीर्थयात्री, प्रशासन ने की पेयजल की व्यवस्था -सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर में विकास कार्यों के विस्थापितों की उचित पुनर्वास की मांग
2 min read
Google source verification

खंडवा

•

image

Manish Arora

•

Oct 20, 2026

Omkareshwar Band

ओंकारेश्वर. ज्योतिर्लिंग मंदिर के मुख्य मार्ग पर छाया सन्नाटा।

सिंहस्थ 2028 के लिए तीर्थनगरी में किए जा रहे विकास कार्यों के कारण विस्थापित हो रहे लोगों का पुनर्वास की मांग को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सर्वदलीय समिति द्वारा सोमवार से ओंकारेश्वर के दो दिवसीय बंद का आह्वान किया गया था। बंद के पहले ही दिन इसका व्यापक असर देखने को मिला। सोमवार को दिनभर तीर्थनगरी में सन्नाटा छाया रहा, एक भी दुकान नहीं खुली। तीर्थयात्री फूल-प्रसाद को भी तरस गए। वहीं, दूसरे दिन मंगलवार को भी सुबह से सभी दुकान, प्रतिष्ठान बंद रहे।

19 सूत्रीय मांग पर अड़े है रहवासी

प्रशासन द्वारा ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर विस्तारीकरण के साथ सिंहस्थ के लिए किए जा रहे कार्यों के चलते बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने और लोगों को विस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। अतिक्रमण में हटाए गए लोग और विकास कार्यों की जद में आए लोगों की उचित और सम्मानजनक विस्थापन, मुआवजे की मांग है। इसके लिए 16 सदस्यीय समिति के साथ सर्वदलीय लोग प्रशासन से 19 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े हुए है। लगातार बैठकों के बाद भी समस्या का हल नहीं निकलने के कारण रहवासियों ने सोमवार-मंगलवार को बंद का आह्वान किया था।

watch video

टैंपो-नाव तक नहीं चले, बंद रहे दुकानों के शटर

सर्वदलीय लोगों के आह्वान का पूरी तरह से असर सोमवार को तीर्थनगरी में देखने को मिला। सोमवार को नवरात्र की नवमी तिथि होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। यहां कोठी से लेकर ओंकारेश्वर, ममलेश्वर मंदिर सहित पूरा नगर बंद रहा। इस दौरान एक भी दुकान नहीं खुली। टैंपो और नावों का संचालन भी बंद रहा। जिसके चलते तीर्थनगरी आए श्रद्धालु परेशान होते रहे। चाय-नाश्ते की दुकानें भी बंद होने से मंदिर प्रबंधन ने जगह-जगह पानी की केन रखवाकर पेयजल की व्यवस्था भी की।

दिनभर इंतजार करते रहे अधिकारी

प्रशासन ने सर्वदलीय लोगों और समिति को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। एडीएम श्रद्धा शुक्ला, एसडीएम पंकज वर्मा, सीएमओ मोनिका पारधी सहित अन्य अधिकारी पुलिस कंट्रोल रूम में समिति का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं आया। इधर सर्वदलीय बैठक का आयोजन जोड़ गणपति मंदिर में हुआ। दोपहर 3 बजे से शाम 6.30 बजे तक बैठक चली, जिसमें संत दर्शन मंडल अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी, विधायक नारायण पटेल, कांग्रेस नेता नारायणसिंह तोमर, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रकाश परिहार सहित सभी पार्षद, 16 सदस्यीय समिति सदस्य सहित नगर के लोग उपस्थित रहे।

मंगलवार भी बंद, विधायक-कलेक्टर करेंगे चर्चा

सर्वदलीय बैठक में निर्णय लिया गया कि बंद का आह्वान मंगलवार को भी जारी रहेगा। इस दौरान विधायक नारायण पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को एक बैठक प्रशासन के साथ होगी। बैठक में कलेक्टर ऋषव गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे। अपनी 19 सूत्रीय मांगों के साथ अन्य मांगें भी प्रशासन के सामने रखी जाएगी।

समस्या का समाधान निकालेंगे

विस्थापित होने वाले लोगों की 17 मांगें हम पहले ही मान चुके हैं। डुहिक्या में विस्थापन को लेकर कुछ गतिरोध है, इस समस्या का भी हल हम निकालेंगे। मंगलवार को सभी के साथ चर्चा की जाएगी। विकास भी होगा और विस्थापितों को उनका हक भी मिलेगा।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर