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दशहरा… बाण से नहीं बारिश से हारी बुराई, स्टेडियम पर आड़ा गिरा रावण का पुतला, हुआ गीला, सिर्फ कुंभकरण, मेघनाद का दहन

-रामनगर में गिरे रावण के पुतले को बैठाकर जलाया, 37 मिनट में जला -बारिश के चलते रावण दहन कार्यक्रम में खलल, आज भी होगा आयोजन
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खंडवा

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Manish Arora

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Oct 21, 2026

Ravan Dahan

खंडवा. रामनगर में गिरे हुए रावण के पुतले को बैठाकर जलाना पड़ा।

विजयादशमी पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतलों पर इस साल बारिश ने पानी फेर दिया। मंगलवार को तीन जगह रावण दहन के प्रमुख आयोजन होने थे, लेकिन दो ही जगह हो पाए। एक जगह तो रावण का पुतला टूटकर पूरा गीला होने से सिर्फ कुंभकरण और मेघनाद का दहन करना पड़ा। दूसरी जगह जमीन पर धाराशाई हुए पुतले को किसी तरह से बैठाकर जलाना पड़ा।

तेज हवा-आंधी से गिरे रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले

मंगलवार को तीन प्रमुख स्थानों पर रावण दहन के आयोजन तय थे। शाम 5 बजे से तेज हवा-आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। स्टेडियम ग्राउंड पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों में से रावण गिर पड़ा और बाकी दो पुतले आड़े होकर गीले हो गए। वहीं, रामनगर में भी रावण का पुतला स्टैंड सहित नीचे गिर पड़ा। एसएन कॉलेज ग्राउंड पर भी तीनों पुतले आड़े हो गए और बारिश से गीले हो गए। यहां मैदान में भी पानी भर गया और कीचड़ हो गया। श्री नीलकंठेश्वर दशहरा उत्सव समिति गोलमाल बाबा एसएन कॉलेज के रावण दहन का कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित किया गया।

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पेट्रोल डालकर जलाना पड़े पुतले

सभी रावण और मेघनाद, कुंभकरण के पुतले बांस और रंगीन कागज से तैयार किए गए थे। बारिश के चलते भीगे पुतलों को जलाने में भी कवायद करना पड़ी। रामनगर में भीड़ इक_ा होने से नवचेतना दशहरा उत्सव समिति ने रावण दहन का निर्णय लिया। यहां रात 9 बजे से 10 बजे तक आतिशबाजी की गई। इस दौरान गिरे रावण के पुतले बमुश्किल बैठाया गया। समिति के महेंद्र बाबू, शंकर सोलंकी, प्रवीण नाइक, लक्की चौरसिया, रूद्राक्ष चौरसिया, अंकित कैथवास, शशांक सिंह, अजय और राजा द्वारा पुतले पर पेट्रोल डालकर जलाया गया। यहां पुतले को जलने में करीब 37 मिनट का समय लगा।

दो पुतले ही जलाने पड़े

अंजनी शक्ति संगठन द्वारा स्टेडियम ग्राउंड पर गीले पुतलों को ही जलाने का निर्णय लिया। इसके बाद आतिशबाजी कार्यक्रम किया गया, ताकि इतनी देर में पुतलों को खड़ा किया जा सके। ग्राउंड में पानी होने के कारण रावण का पुतला गिरने के बाद पूरी तरह से गीला हो गया। समिति ने मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को खड़ा कर पेट्रोल डालकर जलाया। यहां भी दोनों पुतलों को जलने में करीब आधा घंटे का समय लगा।

आज मां नवचंडी देवीधाम में रावण दहन

मां नवचंडी देवीधाम में तिथि के अनुसार पहले से ही बुधवार को रावण दहन का आयोजन रखा गया था। मंगलवार को यहां 81 फीट का पुतला खड़ा कर दिया गया। बारिश में यहां भी पुतला भीग गया, लेकिन बांस और कपड़े का बना पुतला लोहे के स्थाई स्टैंड पर होने के कारण गिरने से बच गया। यहां अब बुधवार रात 8 बजे से ग्वालियर की आतिशबाजी का मुकाबला होगा। महंत बाबा गंगाराम ने बताया कि रात 9.30 बजे रावण दहन किया जाएगा।