
खंडवा. ममलेश्वर मंदिर से आगे फारेस्ट तिराहा के पास हो सकती है वैकल्पिक जगह।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सिंहस्थ को लेकर किए जा रहे विकास कार्यों की जद में ब्रह्मपुरी, शिवपुरी और विष्णुपुरी का बड़ा क्षेत्र आ रहा है। विस्थापन और मुआवजे को लेकर दो दिन बंद के बाद प्रशासन के आश्वासन पर तीर्थनगरी में बुधवार को रौनक लौटी और बाजार खुले। हालांकि पुनर्वास और मुआवजे को लेकर अब भी रहवासियों के मन में संशय की स्थिति है। तीर्थनगरी में कई ऐसे क्षेत्र है जहां, प्रभावितों को आसानी से बसाया जा सकता है। रहवासी फिलहाल सर्वे का इंतजार कर रहे हैं।
ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे में करीब 409 आवास, दुकान, आश्रम, मंदिर, गेस्टहाउस, धर्मशाला आदि चिह्नित किए गए थे। वर्तमान में भी तीन पुरी के इतने ही लोग प्रभावित हो रहे है। हालांकि प्रशासन का नया सर्वे होना अभी बाकी है। प्रशासन ने पहले प्रभावितों को डुहिक्या में प्लाट देने के लिए कहा था, जिसका सबसे ज्यादा विरोध हुआ था। डुहिक्या ममलेश्वर मंदिर से मेनरोड पर करीब 1900 मीटर और मेन रोड से 800 मीटर अंदर है। रहवासियों का कहना था कि वीराने में जहां कोई सुविधा नहीं है, वहां जाकर क्या करेंगे?, सबसे बड़ा सवाल रोजगार को लेकर था। रहवासी मेन रोड के आसपास ही पुनर्वास चाह रहे हैं।
प्रशासन प्रभावितों के लिए डुहिक्या को छोड़ अब नए वैकल्पिक स्थान तलाश रहा है। रहवासियों के अनुसार तीर्थनगरी में कई ऐसी जगह है, जहां उन्हें बसाया जा सकता है। ममलेश्वर मंदिर से डुहिक्या की ओर जाने वाले रोड पर नया बस स्टैंड और फारेस्ट तिराहा के आसपास जमीन खाली पड़ी है। इसके अलावा टंट्या मामा प्रतिमा के सामने कोठी तक वन विभाग की जगह है। वहीं, पुराना बस स्टैंड के पीछे संस्कृति विभाग की जगह भी एक विकल्प हो सकती है। साथ ही नगर परिषद गार्डन के आसपास भी आदिवासी धर्मशाला के पीछे करीब 15 एकड़ जमीन है।
सोमवार-मंगलवार को ओंकारेश्वर बंद के चलते तीर्थनगरी में सन्नाटा पसरा पड़ा था। मंगलवार शाम को बाजार जरूर खुल गए थे, लेकिन माता विसर्जन के कारण भीड़भाड़ नजर नहीं आई। बुधवार को बाजार पूरी तरह से खुला और तीर्थनगरी में चहल पहल भी बढ़ी। दो दिन बंद के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना भी करना पड़ा था। बुधवार को ऐसी स्थिति नहीं दिखी।
निर्माण… -संख्या -------रकबा
आवास… --189 -------1.32 हेक्टेयर
दुकान… ---184 ------0.15 हेक्टेयर
आश्रम… -----7 ------0.24 हेक्टेयर
मंदिर… ------5 ------0.04 हेक्टेयर
गेस्ट हाउस --8 -------0.3 हेक्टेयर
अन्य… ------9 ------0.41 हेक्टेयर
कुल… ----409 ------3.05 हेक्टेयर
डुहिक्या में पुनर्वास का विरोध था, इसलिए अब नई वैकल्पिक जगह की तलाश की जा रही है। वन विभाग और संस्कृति विभाग की जगह है, लेकिन उनके अधिग्रहण में लंबा समय लग सकता है। पहले सर्वे कराया जाएगा, उसके अनुसार जगह की तलाश की जाएगी।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर
Updated on:
22 Oct 2026 12:12 pm
Published on:
22 Oct 2026 12:12 pm
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