एमपी टूरिज्म का फर्जी वेबसाइट बनाकर खंडवा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने लाखों रुपए कमाए। शिकायत हुई तो साइर सेल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
खंडवा. हरसूद तहसील का एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर्यटन विभाग के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर पर्यटकों से ठगी कर रहा था। वह अब तक 1200 से अधिक पर्यटकों से करीब 38 लाख रुपए की बुकिंग कर चुका था। यह ठगी वह हनुवंतिया, सैलानी टापू के अलावा जल महोत्सव के टेंट, होटल, रिसॉर्ट की बुकिंग के नाम पर करता था। धोखाधड़ी को लेकर साइबर क्राइम में शिकायत हुई तो भोपाल पुलिस ने छापेमारी करके हरसूद के इंजीनियर युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ के लिए उसे भोपाल ले गई है।
मल्टीनेशनल कंपनी में करता था काम
पुणे की मल्टी नेशनल कंपनी में काम करने वाला इंजीनियर नरसिंह चौहान पिता भागवत चौहान मेट्रो सिटी के लोगों को अपना मोहरा बनाता था। उसने दो फर्जी वेबसाइट बनाईं और इन्हें वह एमपी टूरिज्म की ऑफिसियल वेबसाइट बताकर पुणे, नागपुर, भोपाल, मुंबई सहित कई अन्य बड़े शहरों के टूरिस्ट की बुकिंग करता था। नरसिंह लोगों को 10 से 30 प्रतिशत तक की बुकिंग पर ऑफर देकर होटल, रेस्टोरेंट के अलावा हनुवंतिया के जल महोत्सव में टेंट के नाम पर धोखा दे रहा था।
दो फर्जी वेबसाइट बनाई थी
नरसिंह ने श्हनुवंतिया टापू डॉट कॉम और सैलानी टापू डॉट कॉम नाम की दो फर्जी बेवसाइट बनाई थी। इनके माध्यम से वह पहले पर्यटकों से बुकिंग कराता था और बाद में खुद सरकारी वेबसाइट से बुकिंग कर ऑफर का लाभ वह खुद बचा लेता था। इससे पर्यटकों को डिस्काउंट या ऑफर का लाभ नहीं मिल पाता था। नरसिंह ने हनुवंतिया टापू और सैलानी आईलैंड के नाम पर एक साल में 1200 से अधिक लोगों से 340 रुपए के हिसाब से 3831792 रुपए की बुकिंग कराई।
10 लाख रुपए बुकिंग से कमाए
बुकिंग से उसने 10 लाख रुपए कमाए हैं। पर्यटकों ने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की तो स्पेशल टीम ने जांच शुरू की, तब मामला सामने आया। भोपाल की साइबर टीम मंगलवार से ही खंडवा में डेरा डाल कर बैठी थी। पहले टीम ने अपने स्तर से पता किया, लेकिन जब आरोपित को नहीं पकड़ पाई तब स्थानीय पुलिस की मदद मांगी। इसमें हरसूद पुलिस और साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पूछताछ के लिए टीम मंगलवार को भोपाल ले गई।
जीएसटी के साथ वसूलता था चार्ज
इंजीनियर ने अपनी वेबसाइट को कुछ इस तरह डिजायन किया था कि लोगों को किसी प्रकार का शक नहीं होता था। टेंट पर जहां 28 प्रतिशत जीएसटी लगाकर रेट तय किया था, वहीं रिसॉर्ट और होटल पर मात्र 18 प्रतिशत था। सॉफ्टवेयर की सूची में वह जल महोत्सव के टेंट, मूंदी का होटल, हाउस बोट, हनुवंतिया के रिसॉर्ट, बोटिंग और सैलानी की सूची भी उसके सॉफ्टवेयर में डाली गई है।
एक साल से चला रहा था वेबसाइट
26 अक्टूबर को शिकायत मिली थी कि हरसूद के नरसिंह चौहान पर्यटन विभाग के नाम से फर्जी बेबसाइट बनाकर पर्यटकों की बुकिंग कर रहा है। 29 अक्टूबर 2016 से 21 नवंबर 2017 के बीच करीब 38 लाख की बुकिंग कराई है। इससे उसने 10 लाख रुपए कमाए हैं। असली वेबसाइट पर पर्यटकों को जो डिस्काउंट मिलता था, वह उसे खुद अपनी जेब में रख लेता था। उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। शैलेंद्र सिंह चौहान, एसपी साइबर सेल, भोपाल