60-70 हजार लागत लगाकर 300 क्विंटल खीरे का उत्पादन पांच लाख कमाया मुनाफा, खुशहाल हुआ परिवार
खंडवा. छैगांवमाखन विकासखंड के ग्राम मलगांव के एक किसान ने परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक खेती अपनाई तो उसके दिन फिर गए। कृषक दिनेश पिता छीतर बताते हैं कि पूर्व में परम्परागत खेती करता था, जिसमे गेहूं , चना, सोयाबीन की फसल शामिल थी। इसके साथ ही उद्यानिकी फसल मिर्च की खेती भी करता था, लेकिन इन फसलों से होने वाली आय से घर का गुजारा बड़ी मुश्किल से होता था। इसके बाद जब उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से मिला तो मुझे उद्यानिकी विभाग के द्वारा संचालित संरक्षित खेती के घटक शेडनेट हाउस की योजना के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद 2016-17 में शेडनेट हाउस (4000 वर्ग मीटर) योजना में लाभ प्राप्त किया। विभागीय अधिकारी के समय-समय पर तकनिकी मार्गदर्शन में खेती शुरू की तबसे परंपरागत खेती छोड़ शेडनेट हाउस के अंदर उद्यानिकी फसल की लगातार आधुनिक तरीके से खेती कर रहा हूं। वर्ष 2020-21 में खीरा की फसल शेडनेट हाउस की अंदर लगाई, जिसमें कुल खर्च 60-70 हजार रुपए हुआ, जिसमे 250-300 क्विंटल खीरा प्राप्त हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग 20-22 रुपए प्रति किलो मिली, जिसमे कुल आमदनी लगभग 5 लाख रुपए प्राप्त हुई, जिससे मेरे परिवार का गुजारा अच्छे से हो रहा है एवं आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।