
खरगोन. कर्ज के तनाव में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं प्रदेश में रूकने का नाम नहीं ले रही हैं। फसल खराब होने और कर्ज के बोझ तले दबे होने से बिस्टान क्षेत्र के राजपुरा निवासी किसान कैलाश पिता लालसिंह जमरे (32) ने कीटनाशक पीकर अपनी जान दे दी। घटना शनिवार दोपहर की है। खेत पर बेसुधी की हालत में किसान को देख परिजन उसे बिस्टान और फिर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान देर रात दमतोड़ दिया।
परिजन के मुताबिक कैलाश पर करीब 3 से 4 लाख रुपए का कर्ज था। यह कर्ज उसने सोसायटी के साथ ही अलग-अलग बैंक और साहूकारों से ले रखा था। इसके चलते यह प्राणघातक कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने कर्ज के संबंध में कोई पुष्टि नहीं की है। परिजन के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
गांव में दो एकड़ है जमीन
मृतक के पास गांव में दो एकड़ खेत है। जिसमें उसने कपास और सोयाबीन की फसल लगाई थी। इस वर्ष अल्पवर्षा से दोनों ही फसलों का उत्पादन कम रहा। इससे किसान कई दिनों से परेशान चल रहा था। शुक्रवार को ही गांव के एक व्यक्ति के सामने उसने जहर पीने की बात कही थी, जिसे समझाया भी गया। लेकिन वह नहीं माना और शनिवार को खेत पर पहुंचकर कीटनाशक गटक लिया।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का हाथ
मृतक के बड़े भाई रेवलसिंह ने बताया कि मेरा भाई बहुत मेहनती था। उसके आत्महत्या करने से पूरा परिवार सदमे में है। मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। इस घटना से बच्चों के सिर से पिता का हाथ उठ गया। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया।
कांग्रेस ने परिजन से की मुलाकात
इधर, किसान की मौत की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र के कांग्रेस नेता और जिपं अध्यक्ष प्रतिनिधि केदार डावर अस्पताल पहुंचे और परिजन से चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया।
सूचना मिली है
अस्पताल से किसान की मौत संबंधित सूचना मिली है। जांच के लिए थाने से एएसआई को राजपुरा भेजा है।
आनंद चौहान, टीआई, बिस्टान