
बीड/खंडवा. सिंगाजी ताप परियोजना की पहली यूनिट ने मंगलवार से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया। पहले दिन १२०० मेगावॉट की जगह १२२९ मेगावॉट बिजली उत्पादन कर परियोजना ने इतिहास रच दिया।
सिगांजी परियोजना का ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के चारों ताप विद्युत परियोजनाओं ने पिछला ३४२५ मेगावॉट बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड तोड़कर 3770 मेगावॉट बिजली उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया। इस रिकॉर्ड के साथ मप्र में विद्युत उत्पादन का सबसे सुनहरा दिन दर्ज हो गया। वह भी जब पूरे देश की ताप परियोजना कोयले की किल्लत झेल रही हैं। इस उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री पारस जैन, उर्जा सचिव आईसीपी केसरी, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार ने एमडी एपी भैरवे और सभी ताप परियोजनाओं के अभियंताओं व कर्मियों को बधाई दी।
कार्यपालन उत्पादन निर्देशक बीएल नेवल ने बताया मंगलवार सुबह 9 बजे जब यह खबर परियोजना में फैली की यूनिट की पहली इकाई ने क्षमता से अधिक बिजली उत्पादन कर प्रदेश में इतिहास रच दिया तो सभी कर्मचारी अधिकारी एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाई बांटी। कार्य पालन उत्पादन निर्देशक बीएल नेवल ने बताया आज का दिन सभी के लिए अपनी मेहनत को सफल होते देखने का दिन रहा। सभी ने मिलकर काम किया उसके कारण सिगांजी ताप परियोजना ने प्रदेश में बिजली उत्पादन में अपना मुकाम हासिल किया।
इधर, काम से पहले मजदूरों को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया
सिंगाजी ताप परियोजना में मजदूरों के साथ काम के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए सेफ्टी विभाग सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहा है। फेस दो का काम कर रही एलएनटी कंपनी का सेफ्टी विभाग परियोजना में काम करने के लिए जो भी नवीन मजदूर आते है उनको सबसे पहले सुरक्षा से काम करने की ट्रेनिंग देने के बाद आगे की प्रकिया से मजदूर गुजरता है।
फेस वन में निर्माण समय कम होने के कारण मजदूरों के साथ काफी घटनाएं इसके लिए फेस टू में विभाग काफी सर्तकता बरत रहा है। कंपनी ने फेस दो की 1320 मेगावाट ईकाई के शुरुआत से ही मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान रखा इसलिए हादसे कम हुए और रिकॉर्ड समय में काम पूरा हुआ।