
खंडवा लोकसभा सीट पर बीजेपी ने ज्ञानेश्वर पाटिल को फिर मौका दिया है। उनका विरोध दरकिनार कर पार्टी ने ओबीसी कार्ड खेला। इस बार बीजेपी में करीब दर्जनभर दौड़ में शामिल थे। मौजूदा सांसद को टिकट दिए जाने का पूर्व विधायक सहित कई नेता—कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। वे उपचुनाव बहुत कम मतों से जीते थे फिर भी पार्टी ने पाटिल पर भरोसा जताया। वहीं, इस बार खंडवा लोकसभा से खंडवा के स्थानीय उम्मीदवार की मांग पर एक बार फिर पानी फिर गया।
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा ने शनिवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। मप्र में 24 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं। खंडवा लोकसभा सीट पर एक बार फिर भाजपा ने ओबीसी कार्ड खेला और वर्तमान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। शनिवार शाम दिल्ली में खंडवा लोकसभा के लिए जैसे ही पाटिल का नाम घोषित हुआ, खंडवा और बुरहानपुर में उनके समर्थकों ने ढोल बाजों के साथ जश्न मनाया।
छात्र राजनीति से सफर शुरू करने वाले ज्ञानेश्वर पाटिल वर्ष 2021 में तत्कालीन सांसद नंदकुमारसिंह चौहान के निधन के बाद उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बनाए गए थे। उन्होंने कांग्रेस के राजनारायण सिंह को 82 हजार से अधिक मतों से हराया था। हालांकि यह अंतर स्व. सांसद नंदू भैया की जीत के अंतर से तीन गुना कम था।
कम मतों से जीत के बाद भी भाजपा ने ओबीसी फैक्टर को देखते हुए पाटिल को दोबारा उम्मीदवारी दी है। खंडवा संसदीय सीट में आठ विधानसभा आती है, जिसमें तीन सामान्य, चार एसटी और एक एससी सीट है। आठों विधानसभा में करीब 48 प्रतिशत मत ओबीसी वर्ग के है। ज्ञानेश्वर पाटिल भी ओबीसी वर्ग से ही आते हैं।
लोकसभा उपचुनाव से पहले ज्ञानेश्वर पाटिल निर्विवाद नेता माने जाते थे। विधानसभा चुनाव 2023 में बुरहानपुर, खंडवा, पंधाना, नेपानगर में तत्कालीन विधायकों के टिकट बदलने के बाद गुटबाजी भी शुरू हो गई। टिकट से वंचित नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा भी खोला था और सांसद टिकट की दौड़ में भी शामिल थे। इसके अलावा टिकट के अन्य दावेदार भी थे। अब चुनाव में कांग्रेस के साथ ही पार्टी में विरोधियों से भी पाटिल को पार पाना होगा।
दर्जनभर दावेदार मायूस हुए
भाजपा में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त थी। इनमें सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित भाजपा जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल, महामंत्री राजेश तिवारी, पूर्व विधायक देवेंद्र वर्मा, पूर्व महापौर सुभाष कोठारी, पूर्व जिपं अध्यक्ष राजपालसिंह तोमर, राज्यमंत्री नरेंद्रसिंह तोमर, हिंदू नेता अशोक पालीवाल, मंगल यादव, अमर यादव और कई नेता टिकट मांग रहे थे। शनिवार शाम को सूची घोषित होते ही बीजेपी के ये दर्जनभर दावेदार मायूस हो उठे।
क्या कांग्रेस भी लगाएगी ओबीसी पर दांव
भाजपा के ओबीसी कार्ड के सामने कांग्रेस भी ओबीसी पर दांव लगा सकती है। कांग्रेस के पास ओबीसी के तौर पर पूर्व सांसद अरुण यादव का बड़ा नाम है। इसके अलावा पूनम पटेल, इंदौरी नेता सोनू पहलवान, घनश्याम राठौर भी ओबीसी से आते है। राजपूत नेता के तौर पर अवधेश सिसोदिया, ठा. राजनारायण सिंह भी मजबूत दावेदार है। इसके साथ ही ठा. सुरेंद्रसिंह शेरा, डॉ. मुनीश मिश्रा, किशोरीदेवी शिवकुमार सिंह, प्रियंका मालवीय का भी टिकट की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं।
पार्टी ने जताया विश्वास, उतरेंगे खरा
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने टिकट मिलने के बाद कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में पीएम मोदी की जनहितैषी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया है। पार्टी ने जो विश्वास दोबारा जताया है, उस पर खरा उतरेंगे। पीएम मोदी का नारा अबकी बार 400 पार भी पूरा होगा।
कोई उपलब्धि नहीं, जनता देगी जवाब
इधर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवधेश सिसोदिया के अनुसार वर्तमान सांसद के खाते में कोई उपलब्धि नहीं है। लोकसभा क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुए, जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरें, इसका जवाब जनता चुनाव में देगी। कांग्रेस प्रत्याशी एआइसीसी द्वारा तय किया जाएगा।
सांसद पाटिल अपने परिवार के साथ शनिवार शाम को टीवी के सामने बैठकर दिल्ली में चल रही बैठक का सीधा प्रसारण देख रहे थे। जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, पत्नी जयश्री पाटिल, बेटा जय, नरेंद्र, बेटी रूपाली और बहू खुशी से नाचने लगे। पत्नी जयश्री पाटिल ने कहा हमें पूरा विश्वास था कि इनका ही टिकट फाइनल होगा, क्योंकि सांसद के रूप में विकास कार्य किए हैं, जिसका फल मिला है। बेटे जय पाटिल ने कहा, पापा जनता के विश्वास पर खरा उतरे हैं और अब दोबारा जीत दर्ज कराकर क्षेत्र में फिर विकास करेंगे।
जश्न में डूबे विधायक, समर्थक झूमे
पाटिल के नाम की घोषणा होते ही खंडवा में भी समर्थकों ने जश्न मनाया। शनिवार शाम को घंटाघर से बांबे बाजार, बुधवारा बाजार में ढोल बाजों के साथ रैली निकाली गई। रैली में खंडवा विधायक कंचन तनवे भी ढोल की ताल पर नृत्य कर खुशी जताते नजर आईं। इस दौरान जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल, लोकसभा संयोजक हरीश कोटवाले सहित कार्यकर्ता शामिल रहे।
प्रोफाइल
उम्र - 55 वर्ष (4 सितंबर 1969)
शिक्षा: स्नातक (बी.कॉम)
राजनीति: वर्तमान सांसद, 1987 से अभाविप से जुड़े, 1995 से 1998 तक भाजयुमो जिला खंडवा महामंत्री, 2000 से 2005 तक जिला पंचायत अध्यक्ष पूर्व निमाड़ खंडवा, 2012 से 2014 तक प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष