
ओंकारेश्वर. नाविक मुकेश ने डूबती हुई श्रद्धालु को गोता लगा कर बाहर निकाला।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में गुरुवार को गोमुख घाट पर नर्मदा स्नान करते समय तीर्थयात्रियों के डूबने की चार घटनाएं हुई। यहां नाविक संघ के नाविकों की तत्परता से चारों घटनाओं में 16 लोगों को डूबने से बचाया गया है। चारों घटना अलग-अगल समय पर गोमुख घाट पर ही हुई है। नाविक संघ के सचिव अरुण वर्मा और जय राम भंवरिया ने बताया कि समय रहते किए गए बचाव कार्य से दोनों घटनाओं में बड़ा हादसा टल गया।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में अधिकमास के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। नर्मदा का जल स्तर कम होने से लोग नहाने के लिए नदी के बीच तक पहुंच रहे है और हादसों का शिकार हो रहे है। गुरुवार को गोमुख घाट पर चार घटनाएं सामने आई है। पहली घटना सुबह 9 बजे जिसमें 6 यात्रियों, दूसरी घटना 11 बजे जिसमें 4 यात्रियों, तीसरी घटना 11.30 बजे जिसमें पांच यात्रियों और चौथी घटना दोपहर एक बजे जिसमें एक श्रद्धालु को डूबने से बचाया गया। घाट पर नाविक मुकेश पिता रमेश वर्मा द्वारा गहरे पानी में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं को बचाया। वहीं अशोक वर्मा और अन्य नविकों ने घाट पर सहायता की।
सुबह 9 बजे स्नान के दौरान एक 5 वर्षीय बालक अचानक गहरे पानी में चला गया। बच्चे को डूबता देख उसकी मां और दादी उसे बचाने के लिए पानी में उतर गईं, लेकिन वे भी गहराई में फंस गईं। इसी दौरान उन्हें बचाने के प्रयास में एक अन्य पुरुष भी नदी में चला गया। देखते ही देखते पांच लोग डूबने की स्थिति में पहुंच गए। मौके पर मौजूद नाविक संघ के सदस्यों ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें एक महिला के पेट में पानी भर गया था, जिसे प्राथमिक सहायता दी गई। कुछ देर आराम और उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हुई।
एक अन्य घटना में खंडवा निवासी 15 वर्षीय टीना स्नान करते समय गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसके साथ मौजूद महिलाएं घबरा गईं और सहायता के लिए पुकार लगाने लगीं। घाट पर उपस्थित नाविकों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। युवती के सुरक्षित बचने पर उसके साथ आई महिलाओं ने भगवान ओंकारेश्वर एवं नाविक संघ का आभार व्यक्त किया।
नाविक संघ के सदस्यों ने बताया कि नदी का जलस्तर वर्तमान में सामान्य से लगभग 15 फीट कम है, जिससे कई स्थानों पर अचानक गहराई बन गई है। लोग नहाते समय पानी देखकर वहां चले जाते है और गहरे पानी में डूबने लगते है। पूर्व में भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। संघ ने शासन-प्रशासन से घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और जलस्तर को संतुलित रखने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
Updated on:
05 Jun 2026 12:10 pm
Published on:
05 Jun 2026 12:08 pm
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