
शहर के बीचोबीच जिला प्रशासन नजूल भूमियों गांजा गोदाम-पशु चिकित्सा की 6700 वर्गमीटर बेशकीमती जमीन को नीलाम करेगा। इससे मिलने वाली राशि से शासकीय भवनों का निर्माण करेगा। राशि बचने पर उसे कोषालय या फिर अन्य कार्य में उपयोग हो सकेगी। भूमि नीलामी के बाद शासकीय भूमियों पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, नीलामी की तैयारी।
शहर के बीचोंबीच स्थित बेशकीमती सरकारी जमीनों का अब व्यावसायिक उपयोग होगा। गांजा गोदाम और पशु चिकित्सा विभाग की जमीन नीलाम कर सरकार 54.12 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। दोनों जमीनों पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि इन जमीनों की नीलामी से मिलने वाली राशि से नया कलेक्ट्रेट भवन, आबकारी और पशु चिकित्सा विभाग के कार्यालय बनाए जाएंगे। शासन की साधिकार समिति प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। अब हाउसिंग बोर्ड टेंडर जारी करने की कागजी तैयारी में जुटा है। सबकुछ योजना के तहत हुआ तो 15 दिन में नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
जिला प्रशासन ने पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत शहर की दो महत्वपूर्ण शासकीय जमीनों को चिह्नित किया है। इनमें कोतवाली के सामने स्थित गांजा गोदाम की 4600 वर्गमीटर जमीन और इंदौर रोड पर अस्पताल के पास स्थित पशु चिकित्सा विभाग की 2100 वर्गमीटर जमीन शामिल है। दोनों का कुल क्षेत्रफल 6700 वर्गमीटर है। इन जमीनों का मूल्यांकन 54.12 करोड़ रुपए किया गया है। योजना के तहत जमीनों का व्यावसायिक उपयोग होगा। नीलामी से प्राप्त राशि शासकीय भवनों के निर्माण पर खर्च की जाएगी।
जिला प्रशासन ने दोनों जमीनों के उपयोग और नीलामी का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन की साधिकार समिति ने इस पर मुहर लगा दी है। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने नीलामी से जुड़ी कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब ओपन टेंडर जारी कर जमीनों के लिए बोली आमंत्रित की जाएगी। हालांकि, वास्तविक नीलामी राशि बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शहर में नए शासकीय भवनों के लिए केंद्रीय विद्यालय के सामने परिसर विकसित करने की योजना है। यहां पशु चिकित्सा और आबकारी विभाग के कार्यालयों के साथ अन्य शासकीय कार्यालय भी बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसी परिसर में नया कलेक्ट्रेट भवन भी बनेगा। फिलहाल इन कार्यालयों के निर्माण के लिए गांजा गोदाम और पशु चिकित्सा विभाग की जमीनों से मिलने वाली राशि को आधार बनाया गया है।
गांजा गोदाम की जमीन : 4600 वर्गमीटर
पशु चिकित्सा विभाग की जमीन : 2100 वर्गमीटर
कुल जमीन : 6700 वर्गमीटर
अनुमानित मूल्य : 54.12 करोड़ रुपए
प्रस्तावित निर्माण : नया कलेक्ट्रेट, आबकारी और पशु चिकित्सा विभाग के कार्यालय
अगला कदम : हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से ओपन टेंडर
गांजा गोदाम और पशु चिकित्सा विभाग की 6700 वर्गमीटर प्रस्तावित की है। यानी 72 हजार वर्गफीट जमीन का मूल्यांकन 54.12 करोड़ रुपए किया गया है। इस हिसाब से जमीन की औसत कीमत करीब 7,500 रुपए प्रति वर्गफीट होती है।
इनका कहना : -ऋषि सिंघई, एसडीएम, खंडवा
दोनों भूमि नजूल की हैं। प्रशासन के प्रस्ताव पर हाउसिंग बोर्ड कार्य कर रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।