
Cyber crimes: प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
- त्योहारों की शुभकामनाओं में छिपा साइबर ठगी का जाल ,एक क्लिक और बैंक खाता साफ
शुभकामनाओं के बहाने मोबाइल में सेंध
त्योहारों पर लोग परिचितों और रिश्तेदारों से मिलने वाले शुभकामना संदेशों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं। साइबर ठग इसी भरोसे का फायदा उठा रहे हैं। वे आकर्षक संदेश, त्योहारों की तस्वीरों या शुभकामना कार्ड के साथ एपीके फाइल भेजते हैं। इसे डाउनलोड करने पर मोबाइल में मेलवेयर या ट्रार्जन वायरस सक्रिय हो जाता है। इसके जरिए निजी जानकारियों, मैसेज, बैंकिंग संबंधी जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा ठगों तक पहुंच जाता है।
अनजान फाइल पर क्लिक करने से बचे
साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं। सायबर एक्सपर्ट कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि केवल संदेश भेजने वाले का नाम देखकर उस पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। परिचित के नाम से आया संदेश भी संदिग्ध हो सकता है, क्योंकि उसका अकाउंट हैक किया गया हो सकता है। किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड करने से पहले भेजने वाले से दूसरे माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है। खासकर त्योहारों के दौरान मुफ्त उपहार, आकर्षक ऑफर और शुभकामना कार्ड के नाम पर भेजे गए लिंक से सावधान रहने की जरूरत है।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से रकम निकल जाती है या मोबाइल में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से लेनदेन को रोकने या रकम वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही संबंधित बैंक को सूचना देकर खाते और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित कराने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान नंबर से आई एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- त्योहारों की शुभकामना, उपहार या ऑफर के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- मोबाइल में केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप डाउनलोड करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआइ पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
- मोबाइल में संदिग्ध एप इंस्टॉल हो गया है तो इंटरनेट बंद करें और बैंकिंग गतिविधियों की जांच करें।
- ऑनलाइन शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करें।
- ठगी से संबंधित मैसेज, मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट और बैंक लेनदेन का विवरण सुरक्षित रखें तथा पुलिस को उपलब्ध कराएं।
Updated on:
26 Oct 2026, 11:59 AM IST
Published on:
26 Oct 2026, 11:59 AM IST
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