
इंदौर-इच्छापुर फोरलेन हाईवे पर अभी वाहनों की रफ्तार धीमी ही रहेगी। इसका मुख्य कारण इंदौर से बलवाड़ा के बीच बन रही तीनों टनल का काम अधूरा होना है। इसमें से चोरल की एक साइड की टनल दिसंबर तक पूरी होने की संभावना है। वहीं, चोरल की दूसरी साइड की टनल सहित बाईग्राम और सिमलरोल की टनल का काम मार्च अंत तक पूरा करने बात ठेकेदार कंपनी कह रही है। यह अलग बात है कि अधूरी टनल से वाहन निकलना भी शुरू हो गए है।
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर तेजाजी नगर से बलवाड़ा के बीच 33.4 किमी मार्ग में तीन जगह पहाड़ों के बीच से टनल (सुरंग) निकाली जा रही है। इसमें चोरल की लेफ्टहैंड साइड (एलएचएस) का काम लगभग पूरा है और लाइनिंग डालने का कार्य किया जा रहा है। इस टनल से वाहन निकलना भी शुरू हो गए है। हालांकि अधिकृत तौर पर यह टनल शुरू नहीं की गई है, जिसके कारण सुरक्षा मानकों की भी धज्जियां उड़ रही है। यहां राइट हैंड साइड (आरएचएस) टनल का काम अभी भी बाकी है। इसके अलावा सिमरोल और बाईग्राम की टनल भी अधूरी पड़ी हुई है।
इंदौर से शाहपुर तक कुल 185.3 किमी का फोरलेन मार्ग पांच चरण में बनाया जा रहा है। इसमें धनगांव से बलवाड़ा के बीच नर्मदा नदी पर बन रहे मोरटक्का पुल का काम भी अब तक अधूरा है। यहां एलएचएस साइड का काम पहले ही पूरा हो चुका है। आरएचएस साइड पर डामरीकरण का काम चल रहा है। मोरटक्का पुल की एलएचएस साइड से वाहन फिर से निकलना शुरू हो गए है। पूर्व में यहां से वाहन निकलने की शिकायत भी हुई थी, जिसके बाद इसे बेरिकेड्स लगाकर बंद किया था। अब दोबारा एलएचएस साइड शुरू हो गई है।
फोरलेन हाईवे पर बायपास के अंडर पास ब्रिज, सर्विस रोड का काम भी कई जगह अब भी अधूरा पड़ा हुआ है। खेरदा के पास करीब 30 मीटर का रोड आज तक नहीं बन पाया है। यहां बेरिकेड्स लगा कर वाहनों को निकाला जा रहा है। एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीष बिरला का कहना है कि दिसंबर तक सभी काम पूरे करा लिए जाएंगे।
चोरल की एलएचएस टनल का काम लगभग पूरा है, दिसंबर तक इस रोड से वाहन निकलना शुरू हो जाएंगे। बाईग्राम और सिमरोल का काम भी मार्च तक पूरा कर लेंगे। हमने टनल अभी शुरू नहीं की है, लोग अपनी मर्जी से वाहन निकाल रहे है।
चंदन पटेल, मैनेजर, रोड कंट्रक्शन कंपनी